पटना। न्यूजस्टिच
बिहार की राजधानी पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। गुरुवार को कदमकुआं थाना के एडिशनल एसएचओ (SI) अर्जुन यादव को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी दरोगा अपनी सरकारी वर्दी में और पुलिस वाहन के पास ही ‘नजराना’ वसूल रहा था, तभी निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया।
क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद अवैध ‘गेसिंग’ (जुए का एक प्रकार) के धंधे से जुड़ा है। निगरानी ब्यूरो के डीएसपी के अनुसार, आरोपी एसआई अर्जुन यादव ने पहले शमशाद आलम नाम के व्यक्ति पर गेसिंग चलाने का आरोप लगाकर उसे जेल भेजा था। जब शमशाद जेल से छूटकर बाहर आया, तो दरोगा उस पर दोबारा अवैध काम शुरू करने और इसके बदले नियमित रूप से ‘मंथली’ देने का दबाव बनाने लगा।
बुद्ध मूर्ति के पास बिछाया गया जाल
परेशान होकर शमशाद आलम ने इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया और जाल बिछाया। जैसे ही अर्जुन यादव अपनी गाड़ी से पटना के प्रसिद्ध बुद्ध मूर्ति चौराहे के पास रिश्वत की रकम लेने पहुंचा, सादे लिबास में तैनात निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को निगरानी मुख्यालय ले जाया गया है। अर्जुन यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

