पूर्णिया। न्यूजस्टिच
पूर्णिया जीएमसीएच (GMCH) के इमरजेंसी वार्ड में सांप काटने से एक 17 वर्षीय किशोर की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मृतक किशोर की पहचान केनगर थाना क्षेत्र के काझा गांव निवासी राजेश कुंवर के पुत्र सत्यम कुमार के रूप में हुई है।
बेहद नाजुक हालत में लाया गया था मरीज, दिए गए 20 इंजेक्शन
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सत्यम को सांप काटने के बाद परिजन उसे आनन-फानन में पूर्णिया जीएमसीएच लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों के अनुसार, जब किशोर को अस्पताल लाया गया तो उसकी स्थिति पहले से ही बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए उसे तुरंत भर्ती किया और जहर का असर काटने के लिए एक के बाद एक लगातार 20 एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) इंजेक्शन दिए। हालांकि, शरीर में जहर पूरी तरह फैल जाने के कारण तमाम कोशिशों के बावजूद सत्यम को नहीं बचाया जा सका।
ECG मशीन लगाते ही भड़का परिजनों का गुस्सा
इलाज के दौरान जब सत्यम की सांसें थम गईं, तो डॉक्टरों ने मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि करने के लिए उसकी ईसीजी (ECG) जांच शुरू की। डॉक्टर जैसे ही ईसीजी मशीन लगाने लगे, वैसे ही मृतक के परिजन अचानक भड़क उठे। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में देरी और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि परिजनों ने चिकित्सा कर्मियों के साथ बदसलूकी और मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस बल के पहुंचते ही शव लेकर निजी अस्पताल भागे परिजन
जीएमसीएच इमरजेंसी में मारपीट और शोर-शराबा बढ़ते देख मौके पर भारी संख्या में अस्पताल के अन्य कर्मी और पुलिस बल तैनात हो गई। पुलिस को आता देख और माहौल बिगड़ता देख परिजन पूरी तसल्ली के लिए और आगे की जांच कराने की बात कहकर शव को पूर्णिया के ही एक निजी अस्पताल लेकर चले गए। इधर, इलाज में पूरी ताकत झोंकने के बाद भी परिजनों द्वारा की गई इस बदसलूकी और मारपीट की घटना के बाद से जीएमसीएच के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों में अपनी सुरक्षा को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।

