पूर्णिया। न्यूजस्टिच
पूर्णिया के गुलाबबाग में चोरी करने के बाद पुलिस से बचने के लिए एक शातिर चोर ने अपनी पहचान तक बदल डाली। घर में चोरी के दौरान उसका चेहरा CCTV कैमरे में कैद हो गया था। फुटेज सामने आने के बाद आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए अपना सिर पूरी तरह मुंडवा लिया, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और वैज्ञानिक अनुसंधान के आगे उसकी यह चाल काम नहीं आई। पुलिस ने आखिरकार आरोपी और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया। मामला सदर थाना क्षेत्र के हंसदा गुलाबबाग स्थित अजय कुमार साह के घर में हुई भीषण चोरी से जुड़ा है। पुलिस ने कांड संख्या 423/26 का उद्भेदन करते हुए दो सगे भाइयों कृष्णा कुमार और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों गुलाबबाग की सिंघिया बस्ती के रहने वाले हैं।
CCTV में कैद हुआ तो बदला हुलिया
सदर एसडीपीओ-01 अभिनव पारासर ने प्रेसवार्ता में बताया कि चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी कृष्णा कुमार को अंदेशा हो गया था कि उसकी तस्वीर CCTV कैमरे में कैद हो चुकी है। पुलिस की नजर से बचने के लिए उसने अपना सिर मुंडवा लिया और हुलिया बदलने की कोशिश की। आरोपी को उम्मीद थी कि बदले हुए हुलिए की वजह से पुलिस उसे पहचान नहीं पाएगी। हालांकि, पुलिस की तकनीकी टीम ने उसके इस दांव को नाकाम कर दिया। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में बोला-‘सर,पहली बार चोरी में लॉस हो गया’
पुलिस की पूछताछ में कृष्णा कुमार ने चोरी की बात स्वीकार की। इसके बाद उसने चोरी से जुड़ा ऐसा किस्सा सुनाया, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी ने बताया कि चोरी करने के बाद उसने सामान को एक जगह मिट्टी में दबाकर छिपा दिया था। लेकिन बाद में जब वह अपने छिपाए सामान को लेकर पहुंचा तो उसे पता चला कि वहां से कोई दूसरा चोर उसका चोरी किया हुआ गैस सिलेंडर ही ले गया। इसी बात को लेकर आरोपी ने पुलिस से कहा-‘सर, पहली बार चोरी में मुझे लॉस हो गया।
सोने जैसे आभूषण से लेकर बर्तन तक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी का सामान भी बरामद किया है। बरामद सामान में सोने जैसा हार, चेन, गणेश जी की मूर्ति, कान की बाली, हाथ का कड़ा, झुमका और अंगूठी शामिल हैं। इसके अलावा पीतल और कांस्य के बर्तन, पूजा की घंटी, कपड़ों पर प्रेस करने वाला आयरन और मोबाइल फोन भी पुलिस ने बरामद किया है। बरामद सामान के आधार पर पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
पहले भी पुलिस को दे चुका है चकमा
एसडीपीओ अभिनव पारासर ने बताया कि कृष्णा कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ सदर थाने में चोरी से संबंधित मामला दर्ज है। इतना ही नहीं, आरोपी पूर्व में बायसी थाना की पुलिस हिरासत से भी चकमा देकर फरार हो चुका है। इस संबंध में बायसी थाने में पुलिस कस्टडी से भागने का मामला दर्ज है और पुलिस को उसकी तलाश थी।
दोनों भाइयों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने चोरी के मामले में कृष्णा कुमार और चेतन कुमार को गिरफ्तार करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों भाइयों का किसी अन्य चोरी की घटना में भी हाथ था या नहीं। CCTV में पहचान सामने आने के बाद सिर मुंडवाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच ने उसके बदले हुए हुलिए की पूरी चालाकी पर पानी फेर दिया।

