समस्तीपुर: जो हाथ कल तक किताबों के पन्ने पलट रहे थे, आज वही हाथ सड़क पर बेजान पड़े थे। स्कूल यूनिफॉर्म में लिपटी सोनम के कदम कस्तूरबा विद्यालय की ओर बढ़ तो रहे थे, लेकिन उसे क्या पता था कि कुछ ही दूरी पर ‘इंसाफ’ नहीं, बल्कि ‘एकतरफा सनक’ उसकी मौत का इंतजार कर रही है। समस्तीपुर के वैनी थाना क्षेत्र के कैजिया गांव में सोमवार की सुबह केवल एक 12वीं की छात्रा की हत्या नहीं हुई, बल्कि सुरक्षा के उन तमाम दावों की भी बलि चढ़ गई जो बेटियों की रक्षा के लिए किए जाते हैं।
क्रोनोलॉजी समझिए: धमकी के 24 घंटे के अंदर वारदात
यह केवल एक सिरफिरे की गोलीबारी की घटना नहीं है, बल्कि एक पूर्व-नियोजित अपराध है। परिजनों की मानें तो कहानी कल ही लिख दी गई थी। एक दिन पहले: गांव के ही एक सिरफिरे युवक द्वारा शादी न करने पर सोनम को जान से मारने की धमकी दी जाती है। सोमवार सुबह 9:00 बजे: सोनम रोज की तरह स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर कस्तूरबा विद्यालय के लिए पैदल निकलती है। कैजिया मलंग स्थान (घर से कुछ ही दूर): बाइक सवार अपराधी रास्ता रोकते हैं और एक के बाद एक ताबड़तोड़ फायरिंग करते हैं।
4 गोलियां और मौत
सोनम को 4 गोलियां लगती हैं और वह मौके पर ही दम तोड़ देती है। पुलिस को मौके से 4 खोखे मिलते हैं। इसके बाद जनाक्रोश काफी बढ़ गया। लोगों ने थाने के बाहर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। दिनदहाड़े सड़क पर स्कूल ड्रेस में पड़ी छात्रा की लाश ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और भारी आक्रोश फैल गया।
“कल धमकी मिली और आज बेटी छीन ली गई…
रोती-बिलखती मां संगीता देवी का यह सवाल अब सिस्टम के सामने खड़ा है। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ थाने के सामने टायर जलाकर उग्र प्रदर्शन और हंगामा किया।
हाईप्रोफाइल जांच: एसपी खुद पहुंचे सदर अस्पताल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह और सदर एसडीपीओ-1 (सह एएसपी) संजय कुमार पांडेय खुद समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। पुलिस वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बड़ा सवाल-क्या बेटी की जान बचाई जा सकती थी?
जब पीड़िता के परिवार को एक दिन पहले ही धमकी की भनक लग चुकी थी, तो क्या एक और बेटी की जान बचाई जा सकती थी? आरोपी पुलिस की गिरफ्त से कितनी दूर है, यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन इस वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।

