बिहार को देश का नया फिल्म निर्माण हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पटना स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर के ज्ञान भवन में आयोजित ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल सम्राट चौधरी ने बिहार फिल्म नीति 2026 की नई रूपरेखा को रेखांकित किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया, जहां आयोजकों ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जियो हॉटस्टार और कलर्स जैसे राष्ट्रीय मंचों पर ‘भोजपुरी बवाल’ का आयोजन बिहार के बदलते और प्रगतिशील स्वरूप का जीवंत प्रमाण है। बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2000 वर्ष पूर्व पाटलिपुत्र ने भारत को स्वर्णिम काल दिया था। नालंदा और विक्रमशिला जैसे महान विश्वविद्यालयों ने पूरी दुनिया में ज्ञान का प्रकाश फैलाया। उसी समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए अब सिनेमा को सशक्त माध्यम बनाया जा रहा है।
54 फिल्मों की शूटिंग को मिली प्रशासनिक मंजूरी
राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार फिल्म नीति 2026 के तहत 54 फिल्मों की शूटिंग के प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी गई है। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी अक्टूबर माह से बिहार में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग करने की सहमति व्यक्त की है।
सरकार न केवल क्षेत्रीय भाषाओं जैसे भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका को प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर का फिल्म स्टूडियो बनाने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है। सम्राट चौधरी ने उपस्थित कलाकारों से राज्य में फिल्म सिटी के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने और सुझाव देने का विशेष आग्रह किया।
क्षेत्रीय भाषाओं और कला-कौशल को हर संभव सहयोग
बिहार के युवाओं की बहुमुखी प्रतिभा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के युवा प्रशासनिक सेवाओं से लेकर कला, अभिनय, संगीत, निर्देशन और लेखन के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं। सरकार इन प्रतिभाओं को निखारने के लिए हर स्तर पर आवश्यक बुनियादी ढांचा और अवसर उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। इसी दिशा में राज्य भर में 700 मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। कंप्यूटर से क्रिएटर और ऑडियंस से इन्वेस्टर बनने की नई सोच के साथ युवाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और पर्यटन का नया युग
बिहार की सकारात्मक छवि को विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए ईको-टूरिज्म और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। आधुनिक सड़क नेटवर्क, पटना मेट्रो और प्रस्तावित रैपिड रेल कनेक्टिविटी ने गया, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय जैसे शहरों के बीच यात्रा को अत्यंत सुलभ बना दिया है। इसके अतिरिक्त, राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए बिजली सब्सिडी जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं निरंतर संचालित की जा रही हैं। छठ पर्व की सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जीवन-दृष्टि उगते और डूबते दोनों सूर्यों को नमन करने की है। यह अनूठी संस्कृति ही राज्य की वास्तविक पहचान है। उन्होंने देश-दुनिया में बसे 14 करोड़ बिहारवासियों और उत्तर प्रदेश के 26 करोड़ दर्शकों तक भोजपुरी कला को पहुंचाने का आह्वान किया।
बिहार के ब्रांड एंबेसडर बनें सभी कलाकार
उन्होंने सभी कलाकारों, निर्देशकों और निर्माताओं से आग्रह किया कि वे राज्य के ब्रांड एंबेसडर बनकर बिहार के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल वर्तमान को दुनिया के सामने लाएं। इस भव्य आयोजन के दौरान जियो स्टार की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सीता लक्ष्मी वी. अय्यर, विधायक आलोक कुमार सिंह, अभिनेता व विधान पार्षद पवन सिंह, विधायक महेश पासवान, विधान पार्षद संतोष कुमार सिंह, पूर्व सांसद व अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, अभिनेत्री आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी, पाखी हेगड़े और वरिष्ठ पत्रकार शुभांकर मिश्रा सहित भोजपुरी मनोरंजन जगत की अनेक गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।

