MVI Smita Kumari Katihar Murder Case Accused Arrested By Bihar Police

‘हम, तुम और वो’ का खूनी क्लाइमेक्स! बिहार में MVI पत्नी ने ट्रेन में करवाई पति की हत्या, 4 लाख में दी थी सुपारी

कटिहार/सुपौल: बिहार प्रशासनिक गलियारे से लेकर रेलवे महकमे तक, इन दिनों सिर्फ एक ही मर्डर मिस्ट्री की चर्चा है। वह मर्डर मिस्ट्री, जिसे पहली नजर में चलती ट्रेन में ‘लूटपाट के दौरान हत्या’ का रंग देने की पुरजोर कोशिश की गई थी। लेकिन जब बिहार एसटीएफ और रेल पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन) का जाल बिछाया, तो परत-दर-परत जो सच सामने आया, उसने ‘हम, तुम और वो’ के खूनी खेल को बेनकाब कर दिया। इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि बिहार सरकार में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) के सम्मानित पद पर तैनात एक महिला अधिकारी निकली, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही सुहाग की 4 लाख रुपये में सुपारी दे डाली।

सफर, साज़िश और जनसाधारण एक्सप्रेस का वो खूनी मोड़
घटना 11 जुलाई की है। पावर ग्रिड जमुई (मलापुर) में ग्रेड-1 टेक्नीशियन के पद पर तैनात देव कुमार गुंजन अपनी पत्नी स्मिता कुमारी से मिलने सुपौल जा रहे थे। स्मिता वहां बतौर MVI पदस्थापित थीं। जनसाधारण एक्सप्रेस अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही ट्रेन कटिहार रेल मंडल के मानसी स्टेशन से आगे बढ़कर बदलाघाट के पास पहुंची, अचानक एक के बाद एक गोलियों की तड़तड़ाहट से बोगी गूंज उठी। देव कुमार गुंजन लहूलुहान होकर गिर पड़े। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शुरुआती दौर में इस मामले को एक साधारण लूट और पैसेंजर्स की सुरक्षा में चूक का मामला मानकर देखा जा रहा था। खुद मृतक की पत्नी स्मिता कुमारी ने मामले को डकैती और झपटमारी का रूप देकर पुलिस को गुमराह करने की हर मुमकिन कोशिश की।

हाई-प्रोफाइल ‘ट्रायंगल’: 2017 की दोस्ती जो 2026 में बनी काल
रेल एसपी हरि शंकर के नेतृत्व में जब जांच टीम ने मृतका की कॉल डिटेल्स (CDR) और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया, तो कहानी पूरी तरह पलट गई। पुलिस की ‘थर्ड आई’ सीधे जाकर टिकी खुद वादी बनी पत्नी स्मिता कुमारी पर। जांच में सामने आया कि 2017 का कनेक्शन: स्मिता कुमारी, उनके पति देव कुमार और आरोपी प्रेमी अजीत कुमार, तीनों साल 2017 में एक साथ ग्रेड-1 टेक्नीशियन के पद पर बहाल हुए थे। शादी और दूरी: साल 2018 में सीतामढ़ी में स्मिता और देव कुमार की शादी हुई। दोनों की 5-6 साल की एक मासूम बच्ची भी है। इसी बीच देव कुमार का तबादला जमुई हो गया और अजीत का तबादला नालंदा के गंगरसराय में हो गया।

पद की हनक और अवैध संबंध
साल 2023 में स्मिता कुमारी तरक्की पाकर MVI (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) बन गईं। पद बदलते ही रिश्ते भी बदलने लगे। नालंदा में तैनात अजीत कुमार के साथ स्मिता के अवैध संबंध इस कदर परवान चढ़े कि दोनों ने देव कुमार को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से तौबा, शूटर को 4 लाख की ऑफलाइन डील
पुलिस के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मर्डर को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना प्लानिंग की गई थी। डिजिटल ट्रैकिंग से बचने के लिए स्मिता और अजीत ने किसी भी तरह के ऑनलाइन पेमेंट से परहेज किया। अजीत ने स्मिता से 4 लाख रुपये कैश लिए और जहानाबाद के घोसी के रहने वाले कुख्यात शूटर राजू उर्फ धीरज को कॉन्ट्रैक्ट सौंप दिया। 11 जुलाई को राजू ट्रेन में देव कुमार के पीछे लग गया और मौका मिलते ही उन्हें गोली मार दी।

कानून के शिकंजे में ‘गुनाहगार तिकड़ी’
एसटीएफ और रेल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहानाबाद के घोसी से शूटर राजू उर्फ धीरज को दबोचा। उसकी निशानदेही पर प्रेमी अजीत कुमार और आखिरकार मुख्य साजिशकर्ता पत्नी स्मिता कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब पैसों के लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क के बाकी कड़ियों को खंगालने में जुटी है। फिलहाल, तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, लेकिन इस घटना ने समाज और रिश्तों के भरोसे को एक बार फिर झकझोर कर रख दिया है।