बिहार के दरभंगा जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। जिलाधिकारी (DM) कौशल कुमार ने कर्तव्य में लापरवाही और सरकारी कार्यों में बाधा डालने के आरोप में कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के 128 राजस्व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
11 फरवरी से जारी थी हड़ताल
विदित हो कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिले के राजस्व कर्मचारी बीते 11 फरवरी से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल और सामूहिक अवकाश पर थे। कर्मचारियों के इस कदम से जिले की पूरी राजस्व व्यवस्था चरमरा गई थी। प्रशासन ने कई बार उन्हें काम पर लौटने की चेतावनी दी थी, लेकिन कर्मचारियों के अड़े रहने के बाद अब डीएम ने निलंबन का डंडा चलाया है। साथ ही, जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही कार्य प्रभावित होना बंद नहीं हुआ, तो बर्खास्तगी की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
क्यों हड़ताल पर थे राजस्व कर्मी?
राजस्व कर्मचारियों की इस हड़ताल के पीछे मुख्य कारण वेतन विसंगतियां, प्रमोशन की मांग और कार्यक्षेत्र में बढ़ता दबाव बताया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार के समक्ष गुहार लगा रहे थे, लेकिन जब कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो उन्होंने सामूहिक अवकाश और हड़ताल का रास्ता चुना।
आम जनता की बढ़ी मुसीबतें
राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
• राजस्व वसूली ठप: जमीन की रसीद कटवाने से लेकर दाखिल-खारिज (Mutation) जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह बंद हो गए।
• सरकारी योजनाओं में बाधा: छात्रवृत्ति, पेंशन और अन्य सरकारी लाभों के लिए आवश्यक ‘आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र’ का सत्यापन रुक गया, जिससे छात्र और गरीब तबका परेशान रहा।
• भविष्य के कार्यों पर संकट: आगामी जनगणना-2027 की प्रारंभिक तैयारियों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी सर्वेक्षणों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था।
प्रशासन का कड़ा संदेश
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने इस कार्रवाई को अनुशासनहीनता और सरकारी कार्यों में जानबूझकर बाधा डालने का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली और जनगणना जैसे कार्य सीधे तौर पर जनहित और राष्ट्रहित से जुड़े हैं, जिन्हें किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जा सकता। प्रशासन ने जिले के विभिन्न अंचल कार्यालयों में पदस्थापित इन 128 कर्मचारियों की सूची जारी कर दी है। इस सख्त कार्रवाई के बाद यह साफ संदेश दिया गया है कि जनसेवा में कोताही और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी। अब देखना यह है कि इस बड़े एक्शन के बाद कर्मचारी संघ का क्या रुख रहता है।

