बिहार में भागलपुर के बाद अब दरभंगा में भी बर्ड फ्लू (Bird Flu) की पुष्टि हो गई है। सूबे में पक्षियों में इस बीमारी का खतरा तेजी से पैर पसार रहा है। भीगो स्थित मुक्तिधाम श्मशान घाट और आसपास के इलाकों में हजारों कौओं और पक्षियों की रहस्यमयी मौत के बाद लैब रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर है।
हजारों पक्षियों की मौत से हड़कंप
जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी को कबीर सेवा संस्थान ने पक्षियों की मौत की सूचना जिला प्रशासन को दी थी। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर लिए गए सैंपल को जांच के लिए कोलकाता और भोपाल भेजा गया था। 29 जनवरी की रात आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी
रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही डीएम कौशल कुमार ने भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- दफनाने की प्रक्रिया: नगर निगम और कबीर सेवा संस्थान के सहयोग से हजारों मृत पक्षियों को गहरे गड्ढे खोदकर दफना दिया गया है।
- निगरानी का दायरा: प्रभावित स्थल के 1 किलोमीटर के दायरे में सभी पोल्ट्री फार्म और पक्षी बिक्री केंद्रों की सूची बनाई जा रही है।
सैंपलिंग: प्रभावित क्षेत्र के 5 किलोमीटर के दायरे में पक्षियों के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिहार में बर्ड फ्लू का हाल (2025 – 2026)
पिछले दो सालों में बिहार के कई जिलों में समय-समय पर बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जिसने पोल्ट्री कारोबार और जनजीवन को प्रभावित किया है:
- साल 2025: * पटना (संजय गांधी जैविक उद्यान): साल की शुरुआत में पटना जू में कुछ पक्षियों की मौत के बाद हड़कंप मचा था, जिसके बाद जू को कुछ दिनों के लिए बंद करना पड़ा था।
- नवादा और गया: गर्मियों के दौरान इन जिलों के कुछ ग्रामीण इलाकों में मुर्गियों में संक्रमण पाया गया था।
- पूर्णिया: अगस्त 2025 के आसपास सीमावर्ती इलाकों में बर्ड फ्लू की छिटपुट खबरें आई थीं।
- साल 2026 (अब तक):
- भागलपुर: जनवरी के मध्य में भागलपुर के विभिन्न क्षेत्रों में जंगली पक्षियों और कौओं में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।
- दरभंगा (ताजा मामला): 29 जनवरी 2026 को दरभंगा के भीगो (मुक्तिधाम) में मृत कौओं के सैंपल भोपाल और कोलकाता लैब में पॉजिटिव पाए गए।
आमजन को सावधानी बरतने की सलाह
वार्ड पार्षद नफीसुल हक रिंकू और सामाजिक कार्यकर्ता नवीन सिन्हा ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे पक्षियों के सीधे संपर्क में न आएं और खान-पान में विशेष सावधानी बरतें। आसपास मुर्गियों की मौत की खबर मिलते ही तुरंत विभाग को सूचित करें।

