बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE-3) में सफलता का परचम लहराने वाले अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि TRE-3 पास शिक्षकों की तैनाती के लिए ‘होम पोस्टिंग’ और ‘नजदीकी जिला’ की प्रक्रिया इसी महीने से शुरू होने जा रही है। बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि नवनियुक्त शिक्षकों को मानसिक रूप से स्थिर और कार्यस्थल पर सहज वातावरण मिले, ताकि वे शिक्षा की गुणवत्ता पर बेहतर ध्यान दे सकें।
नजदीकी स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री के अनुसार, जो शिक्षक TRE-3 परीक्षा में सफल हुए हैं, उन्हें पदस्थापन के दौरान उनके गृह जिले (Home District) या उसके नजदीकी स्कूलों में प्राथमिकता दी जाएगी। इस फैसले का सबसे अधिक लाभ महिला शिक्षकों और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें दूर-दराज के इलाकों में जाकर सेवा देने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पोस्टिंग के लिए रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से रिक्तियों का आकलन कर शिक्षकों को उनके पते के समीपस्थ प्रखंडों में भेजने की तैयारी है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
इससे पहले के चरणों (TRE-1 और TRE-2) में कई शिक्षकों ने गृह जिले से काफी दूर पोस्टिंग होने के कारण नौकरी छोड़ने या बार-बार तबादले की गुहार लगाई थी। शिक्षकों की इसी परेशानी को समझते हुए सरकार ने TRE-3 के लिए नीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। गृह जिले में रहने से शिक्षक स्थानीय भाषा और बच्चों की मनोदशा को बेहतर समझ पाएंगे। समय और धन की बचत होगी। लंबी दूरी तय करने में होने वाली थकान और खर्च से राहत मिलेगी। आवास की समस्या हल होने पर शिक्षक पूरी ऊर्जा अध्यापन में लगा सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जल्द ही पदस्थापन (Posting) का विस्तृत शेड्यूल जारी हो जाएगी। वहीं म्यूचुअल ट्रांसफर पर भी पोर्टल खोलने पर विचार करने का आश्वासन मंत्री ने सदन में दिया है।
