पूर्णिया के बहुप्रतीक्षित सिविल एन्क्लेव (नागरिक हवाई अड्डा) के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रगति हुई है। मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को बिहार सरकार द्वारा पूर्णिया सैन्य हवाई अड्डे पर सिविल एन्क्लेव के लिए आवश्यक 15.00 एकड़ अतिरिक्त भूमि का आधिकारिक हस्तांतरण भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को कर दिया गया है। इस भूमि हस्तांतरण के साथ ही सीमांचल के लोगों का हवाई सफर का सपना अब धरातल पर उतरने के बेहद करीब पहुंच गया है।
क्या है पूरा मामला?
काफी समय से पूर्णिया हवाई अड्डे के विस्तार के लिए जमीन की जरूरत थी। 3 फरवरी 2026 को पटना से आए अधिकारियों और पूर्णिया के अधिकारियों के बीच कागजी कार्रवाई पूरी हुई और जमीन का कब्जा एयरपोर्ट अथॉरिटी को दे दिया गया।
जमीन की खास बातें, कहाँ है जमीन:
यह जमीन के.नगर अंचल के गोआसी गांव में स्थित है।
कितनी जमीन: कुल 15 एकड़ जमीन दी गई है। इसमें से करीब 14.3 एकड़ जमीन लोगों से ली गई है और बाकी बची जमीन सरकारी थी।
किसने दी जमीन: बिहार सरकार के नागरिक विमानन विभाग के अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने यह जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी ओंकार नाथ सुमन को सौंपी।
इससे क्या फायदा होगा?
अब जब जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास आ गई है, तो वहां पैसेंजर टर्मिनल (यात्रियों के बैठने की जगह), पार्किंग और गाड़ियों के आने-जाने के रास्ते बनाने का काम शुरू हो सकेगा। इससे पूर्णिया के साथ-साथ कटिहार, अररिया और किशनगंज के लोगों को भी फ्लाइट पकड़ने के लिए बागडोगरा या पटना नहीं जाना पड़ेगा। अब उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और पूर्णिया से हवाई सेवाएं बहाल हो सकेंगी।

