नई दिल्ली: न्यूजस्टिच
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भ्रामक विज्ञापन, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। देशभर में चलाए गए अभियान के दौरान कई नामी फूड कंपनियों, रेस्टोरेंट्स, होटल्स और ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। FSSAI की कार्रवाई में 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें KFC, Pizza Hut, Domino’s, Costa Coffee और McDonald’s समेत 30 से अधिक फूड सर्विस प्रतिष्ठान शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान Domino’s के पांच लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं।
58 इम्पोर्टेड प्रोडक्ट्स पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा नियामक ने 58 इम्पोर्टेड फूड प्रोडक्ट्स को लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किया है। इन उत्पादों की पैकेजिंग और लेबल पर जरूरी जानकारी तथा निर्धारित नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स से जुड़े प्लेटफॉर्म भी FSSAI की जांच के दायरे में आए हैं। Flipkart Minutes और Amazon Now को 12 नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा Amazon के एक वेयरहाउस का लाइसेंस भी रद्द किया गया है।
बड़ी FMCG कंपनियों को नोटिस
FSSAI की कार्रवाई की जद में कई बड़ी FMCG और बेवरेज कंपनियां भी आई हैं। Nestlé India, PepsiCo, Coca-Cola, Abbott, Danone, Mondelez और Ferrero समेत कई कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा Red Bull, Monster Energy, Diageo, Pernod Ricard और Kenvue जैसी कंपनियों पर भी कार्रवाई की गई है। नियामक ने उत्पादों पर किए गए दावों, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर कंपनियों से जवाब मांगा है।
5-स्टार होटल और रेस्टोरेंट भी जांच के घेरे में
FSSAI ने बड़े होटल और रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों को भी कार्रवाई के दायरे में लिया है। Marriott, Hilton, Hyatt, Radisson, Four Seasons और Shangri-La समेत 20 से अधिक होटल-रेस्टोरेंट्स को नोटिस जारी किए गए हैं। इन प्रतिष्ठानों में खास तौर पर मेन्यू पर कैलोरी वैल्यू बताने और फूड लेबलिंग से जुड़े नियमों के पालन की जांच की गई है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को उपभोक्ताओं को सही और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। FSSAI की इस कार्रवाई को खाद्य उत्पादों और फूड सर्विस सेक्टर में उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नियामक की जांच और नोटिस के बाद संबंधित कंपनियों और प्रतिष्ठानों को नियमों के उल्लंघन पर जवाब देना होगा।

