गया। न्यूजस्टिच
बिहार के गया जिले अंतर्गत बाराचट्टी थाना क्षेत्र के देवरी डुमरी फायरिंग रेंज में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। सेना के प्रतिबंधित फायरिंग रेंज में कचरा और गोला-बारूद का वेस्टेज (कबाड़) चुनने गए दो बच्चे शक्तिशाली विस्फोट की चपेट में आ गए। इस भीषण धमाके में एक बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा बुरी तरह झुलस गया है।
फायरिंग प्रशिक्षण के बाद रह गया था अदृश्य काल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवरी डुमरी स्थित इस फायरिंग रेंज में महज एक दिन पहले सीआरपीएफ (CRPF) की एक टुकड़ी का युद्धाभ्यास और फायरिंग प्रशिक्षण संपन्न हुआ था। अक्सर इन अभ्यासों के बाद गोलों के कुछ अवशेष या बिना फटे हुए जिंदा कारतूस जमीन में दबे रह जाते हैं। स्थानीय गांव के बच्चे अनजाने में इन खतरनाक वेस्टेज सामानों को चुनकर बेचने का काम करते थे। शुक्रवार को भी गांव के कुछ बच्चे प्रतिबंधित क्षेत्र की सीमा लांघकर कबाड़ इकट्ठा करने पहुंचे थे। इसी दौरान एक जिंदा गोले के अवशेष में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी।
एक की मौत, दूसरा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा
विस्फोट की चपेट में आने से एक मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे घायल बच्चे को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तत्काल गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
प्रशासनिक जांच और सुरक्षा पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही बाराचट्टी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई है। इस घटना ने एक बार फिर सैन्य क्षेत्रों में आम नागरिकों और बच्चों के प्रवेश को लेकर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में फायरिंग रेंज के प्रतिबंधित क्षेत्र में न जाएं, क्योंकि वहां दबे हुए विस्फोटक जानलेवा साबित हो सकते हैं।

