यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला! विस्थापित हिंदू बंगाली 99 परिवारों को पुनर्वास, आधा एकड़ जमीन मिलेगी

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने एक अहम फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य कैबिनेट ने पूर्वी पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे वर्षों से विस्थापन का दर्द झेल रहे परिवारों को स्थायी समाधान और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, मेरठ जिले की मवाना तहसील के ग्राम नंगला गोसाई में वर्तमान में 99 हिंदू बंगाली परिवार निवास कर रहे हैं। इन सभी परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। योजना के तहत प्रत्येक परिवार को आधा एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी, ताकि वे अपने जीवनयापन के लिए आवास और आजीविका दोनों की व्यवस्था कर सकें।

उन्होंने बताया कि यह भूमि प्रीमियम या लीज रेंट के आधार पर 30 वर्षों के लिए पट्टे पर दी जाएगी। खास बात यह है कि इस पट्टे की अवधि को आगे दो बार, प्रत्येक बार 30-30 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। यानी कुल मिलाकर परिवारों को लंबे समय तक भूमि पर अधिकार और सुरक्षा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि ये परिवार अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी रूप से समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

मंत्री खन्ना ने कहा कि यह फैसला केवल जमीन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए विस्थापित परिवारों को सामाजिक और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। लंबे समय से ये परिवार बुनियादी सुविधाओं और कानूनी सुरक्षा के अभाव में जीवन यापन कर रहे थे। अब उन्हें न सिर्फ जमीन मिलेगी, बल्कि भविष्य की योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऐसे सभी विस्थापित परिवारों के प्रति संवेदनशील है, जिन्होंने विभाजन और उसके बाद की परिस्थितियों में अपना घर-बार छोड़ा। पुनर्वास नीति के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रभावित परिवारों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद उन्हें एक स्थायी पहचान और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद जगी है। यह निर्णय न केवल पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय दृष्टिकोण का भी उदाहरण माना जा रहा है।

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