पूर्वी चंपारण।न्यूजस्टिच
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रमुख व्यापारिक शहर रक्सौल के पान मंडी इलाके में पुलिस और ब्रांड प्रोटेक्शन टीम ने मिलकर नकली उत्पादों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को हुई इस छापेमारी के दौरान नामचीन तंबाकू ब्रांड ‘तुलसी’ के भारी मात्रा में नकली पाउच और टीन बरामद किए गए। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय कारोबारियों और अवैध धंधे में शामिल सिंडिकेट के बीच हड़कंप मच गया है।
नोएडा से पहुंची विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, ‘रजनीगंधा’ और ‘तुलसी’ जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों का निर्माण करने वाली कंपनी धर्मपाल सत्यपाल लिमिटेड (DS Group) को पिछले काफी समय से रक्सौल में उनके ब्रांड के नाम पर नकली उत्पाद बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी के नोएडा कार्यालय से ब्रांड प्रोटेक्शन एवं विजिलेंस मैनेजर रामवतार सिंह रक्सौल पहुंचे।
उन्होंने गोपनीय तरीके से पान मंडी की विभिन्न दुकानों से ‘तुलसी’ तंबाकू की खरीदारी की। जब इन सैंपल्स की बारीकी से जांच की गई, तो पुष्टि हुई कि बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा यह माल पूरी तरह नकली है। इसके तुरंत बाद साक्ष्यों के साथ इसकी सूचना रक्सौल पुलिस को दी गई।
पुलिस की छापेमारी और बरामदगी
सूचना मिलते ही प्रशिक्षु आईपीएस सह रक्सौल थानाध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने पान मंडी स्थित संदिग्ध दुकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस दौरान एक थोक प्रतिष्ठान से निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई। तुलसी 00 (8 ग्राम) 663 पाउच, तुलसी 00 (50 ग्राम टीन) 02 पीस, तुलसी 00 (4.5 ग्राम) 72 पाउच। पुलिस ने बरामद सभी सामग्री को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है।
थोक कारोबारी हिरासत में, बड़े सिंडिकेट की तलाश
पुलिस ने इस मामले में पान मंडी के एक बड़े थोक कारोबारी विनय कुमार को हिरासत में लिया है। फिलहाल थाने में उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इन नकली उत्पादों की सप्लाई चेन कहां से जुड़ी है। क्या इनका निर्माण स्थानीय स्तर पर हो रहा है या फिर इन्हें बाहर से लाकर सीमावर्ती इलाकों में खपाया जा रहा है?
व्यापारिक जगत में चर्चा तेज
इस कार्रवाई के बाद रक्सौल के पान मंडी सहित अन्य बाजारों में हड़कंप की स्थिति है। जानकारों का मानना है कि ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली माल बेचने का यह खेल काफी समय से चल रहा था, जिससे न केवल कंपनियों को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि आम लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नामों का खुलासा होने की उम्मीद है।

