अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम ने वैश्विक टैरिफ को 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह फैसला तब लिया है जब वहां के सुप्रीम कोर्ट ने वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया है। अमेरिका राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को हास्यास्पद और अमेरिका विरोधी करार दिया है। सोशल मीडिया ट्रूथ पर जारी एक कड़े बयान में उन्होंने कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका का फायदा उठा रहे थे, जिसे उनके प्रशासन ने रोका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 15% की वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

सुप्रीम कोर्ट पर साधा निशाना
राष्ट्रपति ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, कल सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ पर दिए गए घटिया और अमेरिका विरोधी फैसले की समीक्षा के बाद, मैं राष्ट्रपति के रूप में वैश्विक टैरिफ को 10% से बढ़ाकर कानूनी रूप से मान्य 15% करने की घोषणा करता हूँ।
मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का संकल्प
बयान में आगे कहा गया है कि अगले कुछ महीनों में प्रशासन नए और कानूनी रूप से अनुमत टैरिफ की सूची जारी करेगा। राष्ट्रपति के अनुसार, यह कदम अमेरिका को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” (MAGA) के अभियान को और अधिक सफल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
2024 में 1.2 ट्रिलियन डॉलर का घाटा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, ट्रंप ने 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ की घोषणा की। ट्रंप प्रशासन का टैरिफ लगाने को लेकर तर्क है किअमेरिका एक बड़े और गंभीर भुगतान संतुलन घाटे का सामना कर रहा है, 2024 में वस्तुओं के व्यापार में 1.2 ट्रिलियन डॉलर का घाटा हुआ, जो 2025 में भी लगभग इसी स्तर पर बना रहा। यह घाटा 2008 के बाद से सबसे अधिक है।
ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि अस्थायी आयात प्रतिबंध लगाने से विदेशी उत्पादकों को अमेरिकी डॉलर के बहिर्वाह को रोकने, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने और देश की व्यापारिक स्थिति को संतुलित करने में मदद मिलेगी।

