डेस्क । न्यूजस्टिच
मध्य पूर्व यानी मीडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब दुनिया को अपनी जद में लेने लगा है। युद्ध को लेकर जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने के लिए चार सप्ताह का समय तय किया है, वहीं ईरान ने दुनिया की लाइफलाइन कहे जाने वाले स्ट्रेस ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है।
पड़ोसी देशों के सैन्य ठिकाने भी होंगे निशाना
जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बाहरीनी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक कि यह आक्रामकत रुक नहीं जाती। उन्होंने पड़ोसी देशों को आगाह करते हुए कहा, यदि किसी भी पड़ोसी देश के सैन्य ठिकाने का उपयोग ईरान पर हमले के लिए किया जाता है, तो वह हमारे लिए एक वैध लक्ष्य होगा।
भीषण तबाही और बढ़ता मौत का आंकड़ा
इज़राइली और अमेरिकी बलों द्वारा ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर सहित कई ठिकानों पर किए गए हमलों में अब तक 787 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, इज़राइली सेना ने लेबनान पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं और दक्षिणी लेबनान में जमीनी घुसपैठ (Ground Incursion) शुरू कर दी है।
इधर, ईरान ने भी इजराइल के तेल अवीव, पश्चिम यरूशलेम और इलियट जैसे शहरों पर मिसाइल हमले जारी रखे हैं, जिसमें शनिवार से अब तक 10 इज़राइली नागरिकों की जान जा चुकी है।
वैश्विक ऊर्जा संकट: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची तेल की कीमतें
इस युद्ध का सबसे बड़ा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ईरान द्वारा खाड़ी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के बाद तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।
- कतर: दो संयंत्रों पर हमले के बाद कतर की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने LNG उत्पादन निलंबित कर दिया है।
- सऊदी अरब: रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई।
- होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है, जहाँ से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यहाँ से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया जाएगा।

