बिहार में सत्ता हस्तांतरण का विरोध! जदयू कार्यकर्ता नीतीश को RS भेजे जाने पर नाराज, विपक्ष बोला एक अध्याय का अंत

पटना | न्यूजस्टिच
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने और उनके बेटे निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश की खबरों ने पटना में सियासी उबाल पैदा कर दिया है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर जमा हुए पार्टी कार्यकर्ता सत्ता हस्तांतरण के इस तरीके से नाराज हैं और नारेबाजी कर रहे हैं।गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) के बाहर उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित जेडीयू कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के नेता कृष्ण मुरारी शरण को अंदर जाने से रोक दिया।

कार्यकर्ताओं ने कहा नीतीश कुमार के खिलाफ रची जा रही साजिश

प्रदर्शन कर रहे जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा चरम पर है। जेडीयू कार्यकर्ता कृष्णा पटेल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से हटाने के लिए साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा,”बिहार की जनता ने उन्हें 2025 से 2030 तक के लिए मुख्यमंत्री चुना है। फिर उन्हें राज्यसभा भेजने की क्या मजबूरी है? हमारे नेता नीतीश कुमार थे, हैं और रहेंगे। हम किसी और को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।पार्टी के भीतर भी इस फैसले को लेकर गहरी नाराजगी है। जेडीयू नेता राजीव रंजन पटेल ने भावुक होते हुए कहा कि इस खबर ने कार्यकर्ताओं का दिल तोड़ दिया है।राजीव रंजन के अनुसार, इतना बड़ा फैसला लेने से पहले जमीनी कार्यकर्ताओं से राय नहीं ली गई।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है, इसलिए उन्हें पद छोड़ने की कोई जरूरत नहीं है।

विपक्ष का तंज,एक राजनीतिक अध्याय का हुआ अंत

नीतीश कुमार के इस संभावित कदम पर आरजेडी (RJD) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा,कल दोपहर से यह खबर चल रही है। अगर इस खबर में थोड़ी भी सच्चाई है और यह सिर्फ अफवाह नहीं है, तो यह अपने आप में बिहार की राजनीति के एक बड़े अध्याय के अंत की कहानी कह रही है।

निशांत कुमार की ताजपोशी की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार कल (5 मार्च) राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार को बिहार का नया डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता का हस्तांतरण (Succession Plan) पूरा किया जा सकता है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री का पद इस बार बीजेपी (BJP) के खाते में जा सकता है। वहीं विजय कुमार चौधरी दूसरे उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं।
फिलहाल, पटना की सड़कों पर जेडीयू कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है और ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारों के बीच बिहार की राजनीति एक ऐसी करवट ले रही है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *