किशनगंज । न्यूजस्टिच
सीमांचल की धरती की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। किशनगंज शहर के खगड़ा निवासी स्वर्गीय निवारन दास की पुत्री जूही दास ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में 649वीं रैंक प्राप्त कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है।
सीमित संसाधनों में संघर्ष की जीत
जूही की इस सफलता की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। जूही शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। पिता के निधन के बाद परिवार के लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन जूही ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपनी जगह बनाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जूही ने यह साबित कर दिया कि मेहनत के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
भावुक हुईं मां, जूही ने पिता को दिया सफलता का श्रेय
बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जूही की माता अत्यंत भावुक दिखीं। उन्होंने कहा, “मैं अपनी बेटी की सफलता पर बहुत खुश हूँ, लेकिन आज उनके पिता की कमी बहुत खल रही है। अगर आज वो साथ होते और अपनी आंखों से बेटी को इस मुकाम पर देखते, तो उनकी खुशी का ठिकाना न होता।”
वहीं, अपनी सफलता पर जूही दास ने विनम्रता के साथ कहा कि यह उनके दिवंगत पिता का आशीर्वाद, माता का सहयोग और गुरुजनों के सही मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को दिया है।
युवाओं के लिए जूही का संदेश
जिले के युवाओं को प्रेरित करते हुए जूही ने कहा कि परिश्रम से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि “पढ़ाई को बोझ समझकर नहीं बल्कि दिल से करें। हर बाधा को पार करने का साहस रखें, सफलता अवश्य मिलेगी।”
जिले में जश्न का माहौल
जूही की इस कामयाबी पर जिले के गणमान्य लोगों, समाजसेवियों और शिक्षकों ने हर्ष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि जूही न केवल किशनगंज बल्कि पूरे बिहार की बेटियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शहरवासियों ने ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं।

