पटना । न्यूजस्टिच
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद बिहार की सत्ता के उत्तराधिकारी को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इस बीच, जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बड़ा बयान देकर स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश कुमार भले ही दिल्ली जा रहे हों, लेकिन बिहार की सत्ता की रिमोट कंट्रोल उन्हीं के पास रहेगी।
मुख्यमंत्री ही तय करेंगे अपना वारिस
ललन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम निर्णय केवल और केवल नीतीश कुमार ही लेंगे। उन्होंने कहा, “नामांकन के बाद भी यह नीतीश कुमार को ही तय करना है कि बिहार की कमान किसके हाथों में होगी। यहां सारा निर्णय उनकी इच्छा और मर्जी से हुआ है।”
आरसीपी सिंह पर बरसे ललन: “नाम सुनते ही लाल हो जाते हैं सीएम”
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह (RCP Singh) को लेकर ललन सिंह ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी में नहीं हैं, उनकी बातों की कोई अहमियत नहीं है। ललन सिंह ने खुलासा किया कि:
- आरसीपी सिंह का नाम सुनते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुस्से से लाल हो जाते हैं।
- सीएम उनका नाम तक सुनना पसंद नहीं करते।
- पार्टी के खिलाफ साजिश करने वालों के लिए जेडीयू में कोई जगह नहीं है।
3. विरोधियों को नसीहत: “स्वभाव को समझें”
विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस की प्रतिक्रियाओं पर ललन सिंह ने कहा कि जो लोग नीतीश कुमार के स्वभाव को नहीं जानते, वही ऐसी अनर्गल बातें कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री की इच्छा के खिलाफ गठबंधन या पार्टी में कोई भी पत्ता नहीं हिल सकता।
ललन सिंह के बयान के मायने
ललन सिंह के इस बयान ने दो बातें स्पष्ट कर दी हैं:
- निशांत कुमार की राह आसान: यदि नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को आगे बढ़ाते हैं, तो पार्टी का शीर्ष नेतृत्व (ललन सिंह समेत) पूरी तरह उनके साथ खड़ा है।
- बीजेपी को संदेश: यह बयान गठबंधन सहयोगी बीजेपी के लिए भी एक संकेत है कि मुख्यमंत्री पद की कुर्सी का फैसला नीतीश कुमार की शर्तों पर ही होगा।

