साइबर अपराध के गढ़ के रूप में कुख्यात जामताड़ा के ठगों ने एक बार फिर पुलिस की नींद उड़ा दी है। मौसम और जरूरतों के हिसाब से ठगी का तरीका बदलने में माहिर इन अपराधियों ने अब देशभर में चल रहे एलपीजी गैस संकट को आपदा में अवसर बना लिया है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो गैस बुकिंग के नाम पर पूरे भारत में लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।
पलास की झाड़ियों से चल रहा था ठगी का नेटवर्क
एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर पुलिस ने दो अलग-अलग टीमों का गठन किया। सब इंस्पेक्टर मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस ने बिन्दापाथर थाना क्षेत्र के पगला मोड़ के पास पलास की झाड़ियों में घेराबंदी कर राहुल गोराई और नयन मंडल को रंगे हाथ दबोचा। वहीं, दूसरी टीम ने सब इंस्पेक्टर हीरालाल महतो की अगुवाई में नारायणपुर के झिलवा गांव में दबिश देकर हिस्ट्रीशीटर ठग जगदीश मंडल को उसके घर से गिरफ्तार किया।
ठगी का नया APK स्टाइल, एक क्लिक और खाता साफ
इन अपराधियों की कार्यशैली (Modus Operandi) ने पुलिस को भी चौंका दिया है। ये ठग लोगों के व्हाट्सएप नंबर पर एलपीजी गैस बुकिंग का झांसा देकर एक ‘APK फाइल’ भेजते थे। जैसे ही कोई उपभोक्ता इस फाइल को इंस्टॉल करता, ठगों को उनके फोन की पूरी गोपनीय जानकारी और एक्सेस मिल जाता था। इसके बाद ई-वॉलेट के माध्यम से चंद सेकंडों में पीड़ित का बैंक खाता खाली कर दिया जाता था।
बरामदगी और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने इनके पास से 08 मोबाइल फोन, 08 सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, एक मोटरसाइकिल और 1,02,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार जगदीश मंडल पहले भी साइबर अपराध के मामलों में आरोपित रहा है और जेल जा चुका है। पुलिस अब इनके मोबाइल डेटा के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने देशभर में अब तक कितने लोगों को चूना लगाया है।

