बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। भागलपुर जिले के अनुमंडल कार्यालय (सदर) में तैनात स्टेनो प्रेम कुमार और लिपिक मयंक कुमार को 70,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई निगरानी ब्यूरो की मुख्यालय टीम द्वारा अनुमंडल कार्यालय स्थित उनके कक्ष में ही की गई।
सेवा सम्पुष्टि के बदले मांगी थी घूस
जानकारी के अनुसार, मुंगेर जिले के बरियारपुर निवासी अभिजीत कुमार, जो वर्तमान में नाथनगर (भागलपुर) में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) के पद पर तैनात हैं, ने इस संबंध में निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी का आरोप था कि स्टेनो प्रेम कुमार और लिपिक मयंक कुमार उनके सेवा सम्पुष्टि (Service Confirmation) संबंधी प्रतिवेदन और फाइल को आगे विभाग में भेजने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे।
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने गुप्त रूप से आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने के प्रमाण सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक विंध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावादल’ (Traid Team) का गठन किया गया। सोमवार, 30 मार्च को जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की राशि आरोपियों को थमाई, पहले से मुस्तैद निगरानी की टीम ने दोनों को दबोच लिया।
विशेष न्यायालय में होगी पेशी
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भागलपुर स्थित निगरानी के माननीय विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद अनुमंडल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है। ब्यूरो द्वारा मामले में अग्रतर अनुसंधान जारी है।

