शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, पूर्णिया विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार रविवार की शाम पुलिस और अपराधियों के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ और घंटों चली घेराबंदी के बाद के.हाट और मधुबनी थाना की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात सीटू सिंह समेत पांच अपराधियों को रंगे हाथों दबोच लिया, जो अत्याधुनिक हथियारों के साथ किसी ‘बड़ी घटना’ को अंजाम देने की फिराक में थे।
यूनिवर्सिटी गेट पर ‘वारदात’ की तैयारी और पुलिस की घेराबंदी
पुलिस को मिली सटीक गुप्त सूचना ने शहर को एक संभावित अपराध से बचा लिया। सूचना थी कि सरसी और मधुबनी थाना क्षेत्र के वांछित अपराधी सफेद स्कॉर्पियो (BR11BF5379) और फॉर्च्यूनर (BR11BH0004) में सवार होकर विश्वविद्यालय गेट के पास साहिल सौरव के निर्माणाधीन मकान में जमा हुए हैं। जैसे ही पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश दी, अपराधियों ने भागने के लिए पुलिस पर ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग से कॉलेज चौक पर दहशत फैल गई, लेकिन पुलिस ने जान जोखिम में डालकर मोर्चा संभाला।
UP के ‘शार्प शूटर’ और भारी मात्रा में गोला-बारूद
गिरफ्तार अपराधियों की सूची चौंकाने वाली है, क्योंकि इसमें उत्तर प्रदेश के एटा और कासगंज के दो पेशेवर अपराधी (मुकेश सिंह और नरसिंह) भी शामिल हैं। इनके साथ सरसी का कुख्यात सीटू सिंह, नवगछिया का रूपेश यादव और कटिहार का शुभम कुमार पकड़ा गया है।
एसपी स्वीटी सहरावत ने प्रेस वार्ता में बताया कि मौके से भारी मात्रा में असलहे बरामद हुए हैं:
- बरामद हथियार: दो राइफल (315 बोर), 53 राउंड जिंदा कारतूस और दो खोखा।
- जब्त वाहन: एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो गाड़ी।
फरार आरोपी की तलाश और मास्टर प्लान की जांच
इस पूरे घटनाक्रम का अहम किरदार साहिल सौरव, जो महज दो दिन पहले ही गोलीबारी के एक मामले में जमानत पर बाहर आया था, अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर उत्तर प्रदेश के अपराधियों को पूर्णिया बुलाकर किस रसूखदार व्यक्ति या स्थान को निशाना बनाने की योजना थी। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और गिरफ्तार अभियुक्तों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

