पूर्णिया। न्यूजस्टिच
बिहार के पूर्णिया केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की सोमवार की अहले सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान मधेपुरा जिले के गम्हरिया थाना अंतर्गत मुस्लिम टोला (वार्ड नंबर 12) निवासी महेंद्र मुखिया (पिता- दुखी मुखिया) के रूप में हुई है। इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
तड़के सुबह बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचते ही मौत
जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह करीब 3:00 बजे महेंद्र मुखिया ने अचानक सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी। जेल के भीतर प्राथमिक उपचार देने के बाद, स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें तत्काल पुलिस सुरक्षा में पूर्णिया जीएमसीएच (GMCH) ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के कुछ ही समय बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कारा प्रशासन का दावा है कि महेंद्र पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका नियमित उपचार कराया जा रहा था, लेकिन अचानक आए हार्ट अटैक या स्वास्थ्य गिरावट ने उनकी जान ले ली।
मधेपुरा से पूर्णिया शिफ्ट किए गए थे महेंद्र
महेंद्र मुखिया का आपराधिक इतिहास मधेपुरा जिले से जुड़ा था। वे एक जमीन विवाद और उसमें हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक थे। इस कांड में कुल 12 लोगों को नामजद किया गया था। प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए, जनवरी 2025 में महेंद्र को मधेपुरा जेल से पूर्णिया केंद्रीय कारा स्थानांतरित किया गया था। तब से वे यहीं अपनी सजा काट रहे थे।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मजिस्ट्रेट जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही मधेपुरा से परिजन आनन-फानन में पूर्णिया जीएमसीएच पहुँचे। अस्पताल परिसर में महेंद्र का शव देखते ही कोहराम मच गया। परिजनों ने जेल प्रशासन की सूचना तंत्र और उपचार की त्वरित प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर के. हाट थाना पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। नियमानुसार, हिरासत में हुई मौत के कारण इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच और मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जेल में कैदी की मौत हमेशा से एक गंभीर और कानूनी पेचीदगियों वाला मामला रहा है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह प्राकृतिक मौत थी या इसमें जेल प्रशासन की कोई लापरवाही रही है। फिलहाल, जेल प्रशासन अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने की तैयारी में है।

