दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने थलापति विजय (Thalapathy Vijay) ने अपनी राजनीति में ‘इंसानियत’ और ‘वफादारी’ का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की ओर से चेन्नई की महत्वपूर्ण विरुगंबक्कम (Virugambakkam) विधानसभा सीट से अपने निजी ड्राइवर के बेटे सबरिनाथन को चुनावी मैदान में उतारा है।
वफादारी का मिला सबसे बड़ा इनाम
सबरिनाथन के पिता पिछले 35 वर्षों से विजय के परिवार के साथ साये की तरह जुड़े हुए हैं। वे विजय के भरोसेमंद ड्राइवर रहे हैं। राजनीति के इस दौर में जहाँ टिकटों का बंटवारा अक्सर रसूख और पैसे के आधार पर होता है, वहीं विजय ने अपने एक साधारण कर्मचारी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए उनके बेटे को विधायक (MLA) का टिकट देकर सबको चौंका दिया है।

मंच पर दिखा भावुक नजारा
जब सबरिनाथन के नाम की घोषणा हुई, तो वहां मौजूद समर्थकों और खुद ड्राइवर के परिवार की आंखों में आंसू आ गए। मंच पर एक बेहद भावुक माहौल बन गया, जिसे देखकर पार्टी कार्यकर्ता भी गदगद हो गए। विजय ने इस कदम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी पार्टी में आम आदमी और वफादार कार्यकर्ताओं के लिए शीर्ष स्थान है।
विरुगंबक्कम सीट पर सबकी नजरें
सबरिनाथन को टिकट मिलने के बाद विरुगंबक्कम सीट अब पूरे तमिलनाडु में चर्चा का केंद्र बन गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय के इस ‘इमोशनल कार्ड’ और जमीनी जुड़ाव ने विपक्षियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबरिनाथन एक युवा चेहरा हैं और अपने पिता की सादगी और विजय के मार्गदर्शन के साथ चुनाव प्रचार में उतरेंगे।

