Property worth crores and a connection to a female friend! What was found at SDPO Gautam Kumar's house? Find out.

करोड़ों की संपत्ति और महिला मित्र का कनेक्शन! SDPO गौतम कुमार के घर क्या सब मिला? जानिए

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी मछली पर शिकंजा कसा है। किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-1) गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA Case) का मामला दर्ज होने के बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है । 1994 बैच के पुलिस अधिकारी गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित की है ।

EOU द्वारा दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 03/2026) के अनुसार, गौतम कुमार की सेवा अवधि के दौरान उनकी कुल वैध आय और बचत के मुकाबले उनके पास से करोड़ों की अवैध संपत्ति मिली है ।

  • अर्जित कुल परिसंपत्ति: जांच में गौतम कुमार और उनके आश्रितों के नाम पर कुल 3,64,99,600 रुपये की संपत्ति का पता चला है ।
  • वैध आय: उनकी और उनकी पत्नी की कुल अनुमानित आय 3,22,00,000 रुपये पाई गई ।
  • अवैध कमाई का आंकड़ा: खर्चों की कटौती के बाद, उनके पास 1,94,02,244 रुपये की ऐसी संपत्ति पाई गई जिसका कोई वैध स्रोत नहीं है। यह उनकी वैध आय से लगभग 60.27% अधिक है ।

गौतम कुमार ने अपनी अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट में निवेश किया है। जांच में पूर्णिया और आसपास के इलाकों में कई कीमती संपत्तियों का खुलासा हुआ है:

  1. चार मंजिला आलीशान भवन: पूर्णिया शहर के मधुबनी हाउसिंग कॉलोनी (नाला रोड) में लगभग 4000 वर्ग फीट में एक भव्य चार मंजिला मकान बनाया गया है । इस भवन की निर्माण लागत करीब 2.10 करोड़ रुपये आंकी गई है ।
  2. NH के किनारे व्यावसायिक जमीन: पूर्णिया के डगरुआ में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगभग तीन बीघा कीमती जमीन खरीदी गई है । यह जमीन बेनामी रूप से उनके सगे-संबंधियों और मित्रों के नाम पर है ।
  3. गौतम बुद्ध के उपहार: जांच में पाया गया कि उन्होंने दूसरों के नाम पर संपत्तियां खरीदीं और बाद में उन्हें अपने पुत्रों को ‘उपहार’ के रूप में हस्तांतरित करवा लिया ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें ।

EOU की रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम कुमार ने अकेले इस साम्राज्य को खड़ा नहीं किया, बल्कि इसमें उनकी पत्नी रूबी कश्यप (शिक्षिका), सास पूनम देवी और एक महिला मित्र शगुफ्ता शमीम ने सक्रिय रूप से सहयोग किया ।

  • शगुफ्ता शमीम का कनेक्शन: झंडा चौक, लाइन बाजार निवासी शगुफ्ता शमीम के नाम पर वर्ष 2019 से अब तक कुल 7 आवासीय और कृषि भूमि की खरीद की गई है, जिनकी बाजार दर करोड़ों में है । उनके बैंक खातों में भी भारी नकदी ट्रांसफर की गई है ।
  • सास के नाम पर वाहन: पुलिस अधिकारी ने अपनी सास पूनम देवी के नाम पर महिंद्रा थार (BR11BB-7973) जैसी महंगी गाड़ियां खरीदीं, जिसका उपयोग स्वयं अधिकारी और उनका परिवार करता था।

गौतम कुमार को महंगे वाहनों का काफी शौक है । उनके बेड़े में हुंडई क्रेटा (BR37AE-5757) और महिंद्रा थार जैसी गाड़ियां शामिल हैं । इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि वे अपनी पहचान और गतिविधियों को छुपाने के लिए दूसरों के नाम पर लिए गए फर्जी सिम कार्ड (जैसे 9199807618) का इस्तेमाल कर रहे थे ।

आर्थिक अपराध इकाई ने गौतम कुमार और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 61/49 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 12, 13(2) सहपठित 13(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया है । किशनगंज और पूर्णिया के अलावा पटना के कंकड़बाग स्थित उनके पैतृक आवास पर भी तलाशी ली गई है । अपर पुलिस अधीक्षक इंद्र प्रकाश को इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है ।

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