बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही आने वाले समय में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दें, लेकिन उनकी सुरक्षा का घेरा और भी ज्यादा फौलादी होने जा रहा है। गृह विभाग के एक ताज़ा पत्र ने यह साफ़ कर दिया है कि नीतीश कुमार के पद त्यागने के बाद भी उनकी सुरक्षा में कोई कटौती नहीं होगी, बल्कि उन्हें Z+ श्रेणी के साथ-साथ SSG (स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप) का सुरक्षा कवर मिलता रहेगा।
कुर्सी जाएगी पर सुरक्षा नहीं, क्या है पूरा मामला?
बिहार सरकार के गृह विभाग (विशेष शाखा) द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्तमान में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। वे निकट भविष्य में बिहार विधान परिषद की सदस्यता और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। आमतौर पर पद से हटने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल बदल जाते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के मामले में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। समीक्षा के उपरान्त निर्णय लिया गया है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी उन्हें Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी, जो देश की सबसे उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। वहीं SSG सुरक्षा यानी बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत उन्हें यह विशेष सुरक्षा कवच मिलता रहेगा।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के पीछे नीतीश कुमार का दशकों पुराना राजनीतिक कद और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उनकी संवेदनशीलता का आकलन है। पद छोड़कर दिल्ली की राजनीति (राज्यसभा) में जाने के बावजूद बिहार सरकार उन्हें वह तमाम प्रोटोकॉल देना चाहती है जो एक ‘पावर सेंटर’ के पास होते हैं।
मुख्य बिंदु जो खबर को बनाएंगे खास
राज्यसभा का सफर: मुख्यमंत्री का अब अगला गंतव्य दिल्ली का उच्च सदन होगा।
SSG का साया: बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुरक्षा के मुकाबले नीतीश कुमार का सुरक्षा घेरा ज्यादा मजबूत रहेगा।
अधिकारिक मुहर: गृह विभाग के विशेष सचिव के. सुहिता अनुपम द्वारा जारी यह पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

