डेस्क। न्यूजस्टिच
दुनिया भर में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान के साथ छिड़ी जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम आदमी की जेब पर भी सीधा हमला बोल दिया है। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की वजह से कच्चे तेल और विशेष रूप से जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में आई सुनामी के बाद, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने अपने ईंधन शुल्कों (Fuel Charges) में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह नए चार्ज 2 अप्रैल 2026 की रात 00:01 बजे से होने वाली सभी बुकिंग पर लागू होंगे। इंडिगो का यह कदम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर हवाई यात्रा को महंगा बना देगा।
ईरान युद्ध का वैश्विक असर: जेट फ्यूल की कीमतों में 130% का उछाल
ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका और क्षेत्र में तेल रिफाइनरियों पर हमलों ने ईंधन बाजार में हाहाकार मचा दिया है।
रिकॉर्ड तोड़ कीमतें
IATA के जेट फ्यूल मॉनिटर के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक महीने में वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में 130% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। भारत में ATF की कीमतें रिकॉर्ड ₹2.07 लाख प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई हैं। यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल के निर्यात में 60% तक की गिरावट आई है। जिससे सिंगापुर और यूरोपीय बाजारों में कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा हो गई हैं।

इंडिगो का नया ‘फ्यूल चार्ज’ चार्ट
इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि विमानन क्षेत्र और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार (MoPNG और MoCA) ने घरेलू परिचालन के लिए केवल 25% की आंशिक वृद्धि का निर्णय लिया है। इसी आधार पर इंडिगो ने दूरी के हिसाब से नए चार्ज तय किए हैं:
| दूरी (kms) | नया फ्यूल चार्ज (INR) |
|---|---|
| 0 – 500 | ₹275 |
| 501 – 1,000 | ₹400 |
| 1001 – 1,500 | ₹600 |
| 1501 – 2,000 | ₹800 |
| 2,000 से ऊपर | ₹950 |
अंतरराष्ट्रीय रूट (International Routes)
अंतरराष्ट्रीय रूटों पर युद्ध का प्रभाव सबसे अधिक है। दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर यूरोप तक के सफर के लिए यात्रियों को अब ₹900 से लेकर ₹10,000 तक का अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी ब्रिटेन और यूरोप (यूके/यूरोप) के रूट पर हुई है, जहाँ अब ₹10,000 का अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
एयरलाइन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतें पिछले महीने में दोगुनी से अधिक हो गई हैं। अगर एयरलाइन पूरी लागत यात्रियों पर डालती, तो किराये में भारी उछाल आता। हालांकि, सरकार के हस्तक्षेप के कारण इस बोझ को ‘कैलिब्रेटेड’ (संतुलित) तरीके से बांटा गया है। इंडिगो ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि हम इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं, लेकिन मौजूदा परिचालन वातावरण में अचानक आए इन बदलावों के कारण यह निर्णय लेना अनिवार्य हो गया था। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और भविष्य में उचित समायोजन करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान युद्ध लंबा खिंचता है, तो आने वाले समय में अन्य एयरलाइंस भी इंडिगो की राह पर चलते हुए किरायों में और वृद्धि कर सकती हैं। फिलहाल, अगर आप छुट्टियों या बिजनेस ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी।

