अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। पूरे 54 साल के लंबे इंतजार के बाद, मानवता ने एक बार फिर पृथ्वी की सुरक्षित कक्षा को छोड़कर चंद्रमा की अनंत गहराइयों की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। नासा (NASA) का अति-महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है। यह मिशन महज एक उड़ान नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के उन रहस्यों को सुलझाने की कुंजी है, जो भविष्य में मंगल ग्रह (Mars) पर मानव बस्तियां बसाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट की हुंकार
नासा के Space Launch System (SLS) रॉकेट ने जैसे ही केनेडी स्पेस सेंटर से गर्जना के साथ उड़ान भरी, पूरी दुनिया की सांसें थम गईं। इस महाशक्तिशाली रॉकेट के शीर्ष पर स्थित ‘ओरियन’ (Orion) कैप्सूल अब उन चार जांबाज अंतरिक्ष यात्रियों का घर है, जो अगले 10 दिनों तक चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। साल 1972 के ‘अपोलो 17’ मिशन के बाद यह पहला मौका है, जब कोई मानव-युक्त यान चंद्रमा के इतने करीब पहुंच रहा है।
इतिहास रचने वाले चार ‘महानायक’
Artemis II मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी ‘विविधता’ है। इस दल में शामिल चार चेहरे न केवल अंतरिक्ष यात्री हैं, बल्कि आधुनिक युग के पथप्रदर्शक हैं:
- रीड वाइसमैन (Reid Wiseman): मिशन की कमान संभाल रहे अनुभवी कमांडर।
- विक्टर ग्लोवर (Victor Glover): चंद्रमा की ओर उड़ान भरने वाले इतिहास के पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री।
- क्रिस्टीना कोच (Christina Koch): लूनर मिशन का हिस्सा बनने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री।
- जेरेमी हैनसन (Jeremy Hansen): गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) की यात्रा करने वाले कनाडा के पहले अंतरिक्ष यात्री।
मिशन का असली मकसद: चांद से मंगल तक का महाप्रयाण
यह 10 दिनों का एक ‘लूनर फ्लाईबाई’ मिशन है। हालांकि इस बार यात्री चांद की सतह पर नहीं उतरेंगे, लेकिन यह मिशन मंगल मिशन की नींव रखेगा:
- प्रणालियों की जांच: ओरियन कैप्सूल के लाइफ सपोर्ट सिस्टम और संचार तंत्र की गहन अंतरिक्ष में टेस्टिंग करना।
- Artemis III का मार्ग: इस मिशन की सफलता ही इंसान को चंद्रमा के रहस्यमयी दक्षिणी ध्रुव पर उतारेगी।
- लूनर गेटवे और मंगल: नासा का अंतिम लक्ष्य चंद्रमा पर एक स्थायी बेस बनाना है, जिसे ‘लूनर गेटवे’ कहा जाएगा। यही वह स्टेशन होगा, जहां से भविष्य में मंगल ग्रह (Mars) के लिए पहले मानव मिशन को रवाना किया जाएगा।

