पूर्णिया। न्यूजस्टिच
समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को न केवल समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा, बल्कि उनकी गुणवत्ता से भी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
आंगनबाड़ी और आवास योजनाओं पर विशेष फोकस
बैठक में बुनियादी ढांचे को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि पूर्णिया जिले में नाबार्ड (NABARD) के सहयोग से कुल 27 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होना है। जिलाधिकारी ने इस पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान में निर्माणाधीन 08 केंद्रों का काम जल्द पूरा किया जाए। शेष 19 केंद्रों के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी यानी CDPO मनरेगा, कार्यक्रम पदाधिकारी और संबंधित अंचलाधिकारी संयुक्त रूप से स्थल का चयन करें और निर्माण कार्य अविलंब शुरू कराएं. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर भी डीएम ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आदेश दिया कि लंबित प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्तों का भुगतान तुरंत सुनिश्चित करें, ताकि लाभार्थियों के घर जल्द से जल्द पूर्ण हो सकें।
जनता की सुविधाओं के लिए कैंप मोड में काम
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को कैंप मोड में चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तरीय कर्मी, वीएलई (VLE) और जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं के साथ मिलकर इस कार्य को समय पर पूरा करें ताकि किसी की पेंशन न रुके। इसके अलावा, राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने अंचलाधिकारियों को म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), परिमार्जन और ई-मापी के लंबित मामलों को तय समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से संबंधित फाइलों का निष्पादन प्रतिदिन होना चाहिए ताकि प्रभावितों को समय पर सहायता मिल सके।
डिजिटल जनगणना की अपील
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनगणना की आधुनिक प्रक्रिया पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अब https://se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा उपलब्ध है। डीएम ने सभी सरकारी कर्मियों और जिले के नागरिकों से अपील की कि वे इस पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी गणना स्वयं सुनिश्चित करें। बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), सभी अपर समाहर्ता और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि प्रखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस बैठक का संदेश साफ था—प्रशासन अब विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

