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Bihar Ajab Gajab: डिग्री चाहिए, तो कुंवारी रहना होगा! बिहार के इस कॉलेज में इश्क और निकाह पर पहरा, निकला गजब फरमान

गोपालगंज।न्यूजस्टिच
अगर आप गोपालगंज के हथुआ स्थित जीएनएम स्कूल में नर्सिंग की पढ़ाई करने का सपना देख रही हैं, तो अपनी शादी के अरमानों को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दीजिए। जी हां बिहार के इस सरकारी नर्सिंग कॉलेज ने एक ऐसा अतरंगी नोटिस चस्पा किया है जिसे पढ़कर किसी का भी सिर चकरा जाए। यहां छात्राओं के करियर और सात फेरों के बीच एक दीवार खड़ी कर दी गई है। शर्त यह है कि डिग्री चाहिए, तो कुंवारी रहना होगा।

पढ़ाई या शहनाई? चुनना होगा एक
कॉलेज प्रशासन ने साफ शब्दों में दीवारों पर नोटिस चिपका दिया है कि अगर किसी छात्रा ने कोर्स के 3 सालों के दौरान शादी की, तो उसका नामांकन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। यानी पढ़ाई के बीच अगर डोली उठी, तो कॉलेज का दरवाजा हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। सोशल मीडिया पर यह तुगलकी फरमान अब जंगल की आग की तरह फैल रहा है। जिसे लोग शिक्षा के क्षेत्र में निजी आजादी पर हमला बता रहे हैं।

प्राचार्या की दलील, निगरानी में बाधा पड़ती है
जब इस अजीबोगरीब नियम पर कॉलेज की प्राचार्या मानसी सिंह से सवाल पूछा गया, तो उनका तर्क और भी दिलचस्प था। उन्होंने कहा कि यह कोई मनमानी नहीं बल्कि विभागीय परंपरा है। उनके मुताबिक छात्राओं से एडमिशन के वक्त ही लिखवा लिया जाता है कि वे 3 साल तक सिंगल रहेंगी। नर्सिंग की पढ़ाई आवासीय होती है। प्राचार्या का मानना है कि शादीशुदा होने पर छात्राओं की निगरानी करना और उनका पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करवाना मुश्किल हो जाता है। दावा किया गया है कि यह नियम एएनएम और जीएनएम दोनों संस्थानों में लागू है, ताकि ट्रेनिंग में कोई ‘रोमांटिक’ या पारिवारिक रुकावट न आए।

डीएम साहब एक्शन में, 24 घंटे का अल्टीमेटम
जैसे ही यह मामला वायरल हुआ, प्रशासन की नींद उड़ गई। गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच की फाइल खोल दी है। उन्होंने हथुआ एसडीएम को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने और 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या 21वीं सदी में जहां सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है। वहां शादी करने के संवैधानिक अधिकार को किसी कोर्स की शर्त बनाया जा सकता है? क्या कोई विभाग यह तय कर सकता है कि कोई वयस्क छात्रा अपनी निजी जिंदगी में कब कदम बढ़ाएगी? फिलहाल सबकी नजरें एसडीएम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि कॉलेज का यह ‘शादी बैन’ बना रहेगा या इसे वापस लेना होगा।

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