पटना। न्यूजस्टिच
बिहार पुलिस में रील और सोशल मीडिया का क्रेज अब पुलिसकर्मियों के करियर पर भारी पड़ने लगा है। पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देशों और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के उल्लंघन के आरोप में राज्य भर के 40 पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उन पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय की रडार पर 40 पुलिसकर्मी
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वर्दी पहनकर रील बनाने, सेल्फी पोस्ट करने और अमर्यादित आचरण करने वाले पुलिसकर्मियों की एक सूची तैयार की है। मुख्यालय के AIG (कल्याण) के पत्र के आधार पर कुल 40 पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया गया है। इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया गया है। मुख्यालय का स्पष्ट मानना है कि वर्दी में इस तरह का व्यवहार पुलिस की छवि को धूमिल करता है और अनुशासन के खिलाफ है।
पटना के सबसे अधिक पुलिसकर्मी रडार पर
कार्रवाई की इस सूची में राजधानी पटना के पुलिसकर्मी सबसे आगे हैं। अकेले पटना जिले से 16 पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा दरभंगा, मधुबनी, नालंदा, गया, सीतामढ़ी, सहरसा, जमुई, मुंगेर और किशनगंज सहित कई अन्य जिलों के पुलिसकर्मी भी इस लिस्ट में शामिल हैं। मुख्यालय के इस कड़े रुख से महकमे में हड़कंप मच गया है।
पूर्णिया में महिला थानाध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई
ताज़ा घटनाक्रम में पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी पर गाज गिरी है। पूर्णिया पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शबाना आजमी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वर्दी में रील बनाकर डाल रही थीं, जो पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्गत SOP का सीधा उल्लंघन है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्णिया पुलिस अधीक्षक (SP) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या कहती है पुलिस की SOP?
पुलिस मुख्यालय ने पहले ही स्पष्ट गाइडलाइन (SOP) जारी कर रखी है कि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया पर रील, आपत्तिजनक फोटो या वीडियो पोस्ट नहीं करेगा। वर्दी अनुशासन का प्रतीक है, न कि मनोरंजन का जरिया। मुख्यालय ने सभी पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में इस तरह का आचरण न रखें, अन्यथा और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। बिहार पुलिस अब तकनीक का सहारा लेकर सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। जन विश्वास के संकल्प के साथ पूर्णिया पुलिस और मुख्यालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

