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Bihar Politics: पप्पू यादव पागल हो गए हैं…अनंत सिंह के तीखे बोल ने बढ़ाया सियासी पारा, महिला नेत्रियों पर टिप्पणी को लेकर बवाल

पटना। न्यूजस्टिच
बिहार की राजनीति में इन दिनों शब्दों की मर्यादा तार-तार होती दिख रही है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा महिला नेत्रियों को लेकर दिए गए एक बयान ने ऐसा तूल पकड़ा है कि अब मामला महिला आयोग तक पहुँच गया है। इस विवाद में मोकामा के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता अनंत सिंह की एंट्री ने आग में घी डालने का काम किया है।

अनंत सिंह का पलटवार: पप्पू यादव पागल हो गए हैं
जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने पप्पू यादव के बयान पर बेहद तल्ख प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सीधे तौर पर पप्पू यादव की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पप्पू यादव पागल हो गए हैं। उन्हें किसी और के बारे में बोलने से पहले अपनी पत्नी से पूछना चाहिए। उनकी अपनी पत्नी कहाँ हैं? वह भी एक नेता हैं। अनंत सिंह ने पप्पू यादव के उस संदर्भ पर हमला किया जिसमें महिलाओं के राजनीति में आने को लेकर टिप्पणी की गई थी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जब महिला खटिया पर सोती है तब वह नेतागिरी में जाती है, ऐसी सोच रखने वालों को अपने घर में भी देखना चाहिए।

महिला आयोग सख्त: सड़क से संसद तक आंदोलन की चेतावनी
इस पूरे मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब बिहार राज्य महिला आयोग ने इसमें दखल दिया। मुंगेर में आयोजित नारी शक्ति संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं आयोग की सदस्य पिंकी कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पिंकी कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह का बयान न सिर्फ आपत्तिजनक है, बल्कि यह उनकी संकीर्ण सोच और घटिया मानसिकता को दर्शाता है। महिलाओं पर राजनीति में आगे बढ़ने के लिए गलत रास्ते अपनाने का आरोप लगाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आयोग ने थमाया नोटिस, सार्वजनिक माफी की मांग
महिला आयोग की सदस्य ने जानकारी दी कि आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सांसद पप्पू यादव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पप्पू यादव सार्वजनिक रूप से अपने शब्दों के लिए माफी नहीं मांगते हैं, तो बिहार की महिलाएं सड़क से लेकर संसद तक उनके खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ेंगी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे बयान समाज में महिलाओं की गरिमा और उनके संघर्ष को ठेस पहुंचाते हैं।

क्या था पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत पप्पू यादव के उस कथित बयान से हुई जिसमें उन्होंने महिला नेताओं के राजनीति में सक्रिय होने के तरीकों पर सवाल उठाए थे। उनके इस बयान को महिला विरोधी करार देते हुए विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। अब यह विवाद व्यक्तिगत हमलों में तब्दील हो गया है। जहां एक तरफ अनंत सिंह जैसे नेता पारिवारिक संदर्भ दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ संवैधानिक संस्थाएं कार्रवाई की तैयारी में हैं।

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