पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों और रुझानों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बंगाल की सत्ता की लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ममता बनर्जी के अभेद्य दुर्ग में बड़ी सेंध लगा दी है। राज्य की कुल 293 विधानसभा सीटों (एक सीट पर चुनाव स्थगित होने के कारण) में से भाजपा ने 148 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है, जो बहुमत के लिए आवश्यक 147 सीटों से एक कदम आगे है।
बहुमत के आंकड़े तक पहुंचे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और आक्रामक चुनाव प्रचार के दम पर भाजपा बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की दहलीज पर खड़ी है। रुझानों में भाजपा 148 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है और वह फिलहाल 102 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में शेष सीटें जाती दिख रही हैं।
2021 के मुकाबले भाजपा की बड़ी छलांग
इस बार के प्रदर्शन की तुलना अगर पिछले विधानसभा चुनाव से करें, तो भाजपा की यह बढ़त एक बड़ी राजनीतिक क्रांति मानी जा रही है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पश्चिम बंगाल में कुल 77 सीटें प्राप्त हुई थीं। तब ममता बनर्जी की टीएमसी ने 210 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। लेकिन 2026 के इन रुझानों ने साबित कर दिया है कि भाजपा ने पिछले चुनाव के मुकाबले अपनी सीटों में लगभग दोगुनी वृद्धि की है।
कोलकाता से दिल्ली तक जश्न का माहौल
बहुमत का आंकड़ा पार करते ही भाजपा खेमे में जश्न शुरू हो गया है। कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय से लेकर दिल्ली तक कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का उत्सव मना रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर और ध्रुवीकरण के मुद्दों ने इस चुनाव में भाजपा के पक्ष में काम किया है। हालांकि, अंतिम नतीजों की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन रुझान स्पष्ट रूप से भाजपा की ओर झुकते दिख रहे हैं।

