Snake Lady Janki Devi rescuing 10 feet long King Cobra in Valmikinagar Bihar

10 फीट का ‘काल’ और 12 साल की उम्र से मौत से खेलती ‘स्नेक लेडी’, वाल्मीकिनगर में रोंगटे खड़े कर देने वाला रेस्क्यू!

न्यूजस्टिच। पश्चिमी चंपारण

पश्चिमी चम्पारण (वाल्मीकिनगर): मानसून की दस्तक के साथ ही बिहार के रिहायशी इलाकों में ‘जंगली मेहमानों’ की घुसपैठ शुरू हो गई है। वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के विशाहा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुन्नी लाल नामक ग्रामीण के घर के भीतर एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 10 फीट लंबा विशालकाय किंग कोबरा जा घुसा। जैसे ही घर वालों की नजर दुनिया के इस सबसे खतरनाक और विषैले सांप पर पड़ी, पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। लोग चीखते-चिल्लाते घर से बाहर भागे और देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। साक्षात मौत को सामने देख किसी की भी हिम्मत सांप के नजदीक जाने की नहीं हो रही थी।

जब गांव में इंट्री हुई ‘स्नेक लेडी’ जानकी की…
इस बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच गांव वालों ने तुरंत इलाके की मशहूर वन्यजीव रक्षक और ‘स्नेक लेडी’ के नाम से विख्यात जानकी देवी को सूचना दी। जानकी देवी बिना वक्त गंवाए अपनी रेस्क्यू किट के साथ मौके पर पहुंचीं। 10 फीट लंबे फुफकारते किंग कोबरा के सामने जहां अच्छे-अच्छों के पसीने छूट रहे थे, वहीं जानकी देवी ने बेहद सूझबूझ और पेशेवर सावधानी के साथ उसपर काबू पाया। कुछ ही मिनटों के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद किंग कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पकड़े गए कोबरा को बिना कोई नुकसान पहुंचाए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।

12 साल की उम्र से ‘मौत’ से सामना, शरीर पर सांप के काटने के कई निशान
इस रेस्क्यू के बाद एक बार फिर जानकी देवी के जज्बे की चर्चा हर जुबान पर है। जानकी कोई साधारण रेस्क्यूअर नहीं हैं, उन्होंने महज 12 साल की मासूम उम्र में सांपों को पकड़ने का खतरनाक काम शुरू किया था। इस दौरान कई बार डंक खा चुकी हैं. वन्यजीव संरक्षण के इस सफर में जानकी देवी को कई बार जहरीले सांपों ने काटा है, वे मौत के मुंह से लड़कर वापस आई हैं। लेकिन इसके बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ। आज वह हजारों जहरीले सांपों की जान बचाकर उन्हें जंगल पहुंचा चुकी हैं और इलाके के लोगों के लिए ‘लाइफ सेवर’ बनी हुई हैं।

मानसून में क्यों रिहायशी इलाकों में आ रहे किंग कोबरा?
वाल्मीकिनगर के रेंजर सत्यम कुमार ने इस घटना पर कहा कि मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश और मौसम में बदलाव के कारण सांपों के प्राकृतिक बिलों में पानी भर जाता है। यही वजह है कि जहरीले सांप सुरक्षित और सूखे ठिकानों की तलाश में जंगलों से निकलकर इंसानी बस्तियों की तरफ रुख कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि घर में सांप निकलने पर बिल्कुल न घबराएं और न ही उसे खुद मारने या पकड़ने की गलती करें। वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाए बिना तुरंत वन विभाग या जानकी देवी जैसी प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचित करें।

एक्सपर्ट अलर्ट: न्यूरोटॉक्सिक वेनम का खतरनाक खेल
विशेषज्ञों के मुताबिक, किंग कोबरा का जहर न्यूरोटॉक्सिक (Neurotoxic) होता है, जो सीधे इंसान के नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर हमला करता है। इसके काटने के बाद शरीर बहुत तेजी से पंगु (Paralyze) होने लगता है। ऐसे में झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े बिना पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना ही एकमात्र उपाय है। समय रहते हुए इस रेस्क्यू के कारण विशाहा गांव में एक बड़ा हादसा टल गया।