मध्य पूर्व (Gulf Region) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में बाधा के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग अब भारतीय विमानन क्षेत्र तक पहुँच गई है। देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) ने मंगलवार, 10 मार्च 2026 को घोषणा की है कि वह अपने सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर चरणबद्ध तरीके से ‘फ्यूल सरचार्ज’ लागू कर रही है।
क्यों बढ़ी कीमतें?
एयर इंडिया के आधिकारिक बयान के अनुसार, मार्च 2026 की शुरुआत से ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। गौरतलब है कि ATF किसी भी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में उच्च उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और वैट (VAT) के कारण एयरलाइनों पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया है।
तीन चरणों में लागू होगा सरचार्ज (मुख्य आंकड़े)
चरण 1: (12 मार्च 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी)
| क्षेत्र (Region) | वर्तमान सरचार्ज | सरचार्ज में वृद्धि | संशोधित दर (Revised Rate) |
| घरेलू (भारत के भीतर) | शून्य (Not applied) | INR 399 | INR 399 |
| सार्क (SAARC) देश | शून्य (Not applied) | INR 399 | INR 399 |
| पश्चिम एशिया / मिडिल ईस्ट | शून्य (Not applied) | USD 10 | USD 10 |
| दक्षिण पूर्व एशिया (SEA) | USD 40 | USD 20 | USD 60 |
| अफ्रीका | USD 60 | USD 30 | USD 90 |
चरण 2: (18 मार्च 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी)
- यूरोप: USD 25 की वृद्धि (कुल USD 125)
- उत्तरी अमेरिका: USD 50 की वृद्धि (कुल USD 200)
- ऑस्ट्रेलिया: USD 50 की वृद्धि (कुल USD 200)
चरण 3: सुदूर पूर्व के बाजारों (हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया) के लिए सरचार्ज की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
क्या पुराने टिकटों पर भी असर पड़ेगा?
राहत की बात यह है कि जिन यात्रियों ने इन तारीखों से पहले ही अपने टिकट बुक कर लिए हैं, उन पर यह नया सरचार्ज लागू नहीं होगा। हालांकि, अगर यात्री अपनी यात्रा की तारीख या मार्ग (Itinerary) में कोई बदलाव करते हैं, तो उन्हें नई दरों के हिसाब से भुगतान करना होगा।
एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू
यह सरचार्ज एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) पर भी लागू होगा, जो अब तक फ्यूल सरचार्ज नहीं लेती थी।
एयरलाइन की मजबूरी
एयर इंडिया ने इस बढ़ोतरी पर खेद जताते हुए कहा कि यह कदम उन कारकों के कारण उठाना पड़ा है जो उनके नियंत्रण से बाहर हैं। यदि यह सरचार्ज लागू नहीं किया जाता, तो लागत बढ़ने के कारण कई उड़ानें रद्द करनी पड़ सकती थीं।
मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार रहने तक हवाई किराए में कमी आने के आसार कम नजर आ रहे हैं।

