बिहार की राजनीति और मनोरंजन जगत का एक नया संगम देखने को मिला है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार से 9 मई को भोजपुरी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें खुद निशांत कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की हैं, जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
बिहार की तरक्की और फिल्मों पर हुई बात
निशांत कुमार ने मुलाकात की फोटो साझा करते हुए एक बेहद सकारात्मक संदेश लिखा। उन्होंने अक्षरा सिंह को बिहार की बेटी बताते हुए कहा कि आज बिहार की बेटी और भोजपुरी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री अक्षरा सिंह से मेरे निवास पर सौजन्य मुलाकात हुई। हम सभी लोग बिहार की तरक्की चाहते हैं। बिहारी भाषाओं की फिल्मों के निर्माण समेत कई विषयों पर इनसे सार्थक बात हुई। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच बिहार में क्षेत्रीय सिनेमा के भविष्य और फिल्म उद्योग के जरिए राज्य के विकास पर चर्चा हुई। निशांत कुमार, जो अक्सर लाइमलाइट से दूर रहते हैं, उनकी इस सक्रियता को लोग काफी अहम मान रहे हैं।
अक्षरा सिंह और राजनीति: पुराना नाता और विवाद
अक्षरा सिंह का राजनीति से रिश्ता नया नहीं है। वह अक्सर राजनीतिक कार्यक्रमों और दिग्गज नेताओं के साथ नजर आती रही हैं, लेकिन उनका यह सफर विवादों से भी अछूता नहीं रहा है।
चुनावी मंच और जन सुराज
बीते कुछ समय में अक्षरा सिंह को प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान के करीब देखा गया था। उन्होंने आधिकारिक तौर पर जन सुराज की सदस्यता भी ली थी, जिसे उनके सक्रिय राजनीति में आने का पहला कदम माना गया।
- विवादों से रहा नाता: अक्षरा सिंह का नाम तब विवादों में आया था जब उन्होंने आनंद मोहन के बेटे और राजद विधायक चेतन आनंद की शादी और अन्य कार्यक्रमों में शिरकत की थी। इसके अलावा, भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ उनकी मंच साझा करने वाली तस्वीरों पर भी विपक्षी दलों ने समय-समय पर तंज कसे हैं।
- पवन सिंह विवाद और राजनीतिक रंग: भोजपुरी पावरस्टार पवन सिंह के साथ उनके विवाद ने भी राजनीतिक मोड़ ले लिया था। जब पवन सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, तब अक्षरा के प्रशंसकों और विरोधी खेमों के बीच सोशल मीडिया पर जमकर ‘पॉलिटिकल वॉर’ देखने को मिला था।
क्या हैं इस मुलाकात के मायने? निशांत कुमार से अक्षरा सिंह की इस मुलाकात को फिलहाल सौजन्य भेंट बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या अक्षरा अब जेडीयू (JDU) के करीब जा रही हैं? अक्षरा सिंह की युवाओं में भारी लोकप्रियता है और अगर वह भविष्य में नीतीश कुमार की विचारधारा के साथ जुड़ती हैं, तो यह बिहार की राजनीति और भोजपुरी फिल्म नीति के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है।

