डेस्क। न्यूजस्टिच
भारत निर्वाचन आयोग ने देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों की रणभेरी फूंक दी है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के लिए चुनावी तारीखों का ऐलान कर दिया। इसी के साथ इन सभी चुनावी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है। इस बार मुकाबला सत्ता बचाने और सत्ता हथियाने के बीच का है, जहां 17 करोड़ 40 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
चुनावी महाकुंभ का पूरा गणित
इस बार कुल 824 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा। आयोग ने सुरक्षा और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए चार राज्यों में एक ही चरण में मतदान कराने का फैसला किया है, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे।
पश्चिम बंगाल, सबसे बड़ा और हाई-वोल्टेज मुकाबला
पूरे देश की निगाहें पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं, जहां मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प होता नजर आ रहा है। यहां 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण (23 अप्रैल) इस दिन 152 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरा चरण (29 अप्रैल) शेष 142 सीटों पर मतदान होगा।
सियासी समीकरण
बंगाल में सत्ताधारी TMC अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं बीजेपी पहली बार सरकार बनाने का सपना लेकर मैदान में उतरी है। कांग्रेस और लेफ्ट का गठबंधन भी इस बार बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। साथ ही, हुमायूं कबीर की नई पार्टी के मैदान में आने से मुस्लिम वोट बैंक का समीकरण भी बदलता दिख रहा है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर का रण
तमिलनाडु की 234 सीटें पर चुनाव होना है। दक्षिण के इस बड़े राज्य में 23 अप्रैल को एक ही फेज में वोटिंग होगी। यहां DMK और AIADMK-BJP गठबंधन के बीच वर्चस्व की जंग है।
केरल और असम
यहां 9 अप्रैल को मतदान संपन्न होगा। केरल में जहां LDF अपनी सरकार दोहराने की कोशिश में है, वहीं असम में बीजेपी की साख दांव पर है।
पुडुचेरी
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी 9 अप्रैल को मतदान होगा।
4 मई का दिन होगा निर्णायक
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि सभी पांचों क्षेत्रों के चुनाव परिणाम 4 मई, 2026 को आएंगे। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी प्रकार की हिंसा या चुनाव को प्रभावित करने वाली गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।यहां 9 अप्रैल को मतदान संपन्न होगा। केरल में जहां LDF अपनी सरकार दोहराने की कोशिश में है, वहीं असम में बीजेपी की साख दांव पर है।
| राज्य/UT | कुल सीटें | मतदान की तारीख | चरण (Phases) | नतीजे |
| असम | 126 | 9 अप्रैल | 1 | 4 मई |
| केरल | 140 | 9 अप्रैल | 1 | 4 मई |
| पुडुचेरी | 30 | 9 अप्रैल | 1 | 4 मई |
| तमिलनाडु | 234 | 23 अप्रैल | 1 | 4 मई |
| पश्चिम बंगाल | 294 | 23 और 29 अप्रैल | 2 | 4 मई |
राज्यों का गणित और मुख्य डेटा
- तमिलनाडु (234 सीटें)
वोटर्स: यहाँ करीब 5.67 करोड़ मतदाता हैं।
समीकरण: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन और AIADMK-BJP गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है।
- असम (126 सीटें)
वोटर्स: लगभग 2.50 करोड़ मतदाता।
खास: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी अपनी सत्ता बचाने की कोशिश करेगी।
- केरल (140 सीटें)
वोटर्स: करीब 2.70 करोड़ मतदाता।
मुकाबला: यहाँ सत्तारूढ़ LDF और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के बीच पारंपरिक जंग है।
- पुडुचेरी (30 सीटें)
वोटर्स: करीब 9.44 लाख मतदाता।
स्थिति: यहाँ एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन की साख दांव पर है।

