पटना । न्यूजस्टिच
बिहार के मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार परिदृश्य को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य “विकसित बिहार” के सपने को धरातल पर उतारना है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्होंने घोषणा की कि आगामी जुलाई माह से बिहार के प्रत्येक ब्लॉक (प्रखंड) में एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा।
हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और ऑन-द-स्पॉट समाधान
मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के लिए अब बच्चों को अपने घर और प्रखंड से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल की स्थापना करने जा रही है। इसके साथ ही, जनता की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए ‘सहयोग कार्यक्रम’ की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत हर महीने दो दिन ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहाँ लोगों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया जाएगा।
रोजगार और विकसित बिहार का संकल्प
बिहार की जन आकांक्षाओं को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकसित बिहार के सपने को हर हाल में पूरा करेंगे।” उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का संकल्प 1 करोड़ लोगों को रोजगार एवं नौकरी से जोड़ना है, जिसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
बिहार में शिक्षा और प्रशासनिक ढांचा: एक नजर
वर्तमान में बिहार अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में जुटा है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- प्रखंडों की संख्या: बिहार में कुल 534 प्रखंड हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इन सभी 534 प्रखंडों में उच्च शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- विश्वविद्यालय: बिहार में वर्तमान में लगभग 30 से अधिक विश्वविद्यालय (केंद्रीय, राज्य और निजी मिलाकर) संचालित हैं।
- महाविद्यालय: राज्य में डिग्री कॉलेजों (संबद्ध और अंगीभूत) की संख्या लगभग 900 के करीब है, जिसे अब हर प्रखंड तक विस्तार दिया जा रहा है।
समारोह में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने भी सभा को संबोधित किया और सरकार की योजनाओं की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, एमएसएमई मंत्रालय के अपर सचिव डॉ० रजनीश, विधायक श्रीमती ज्योति देवी, श्रीमती दीपा कुमारी, श्री रोमित कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि ने भी विकास कार्यों की रूपरेखा साझा की।

