बिहार के नवनियुक्त शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पदभार ग्रहण करते ही राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपना विजन स्पष्ट कर दिया है। मंत्री ने साफ किया कि अब शिक्षा विभाग में फाइलों के चक्कर और बहाली की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होगी। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का एक बड़ा ऐलान किया है।
शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ हुआ स्वागत
शिक्षा विभाग के कार्यालय में मंत्री का पदभार ग्रहण समारोह बेहद भव्य और पारंपरिक रहा। पदभार ग्रहण के दौरान शंख बजाकर उनका स्वागत किया गया, वहीं पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के साथ इस नई शुरुआत की मंगलकामना की।
महात्मा बुद्ध की धरती पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संकल्प
मंत्री ने बातचीत के दौरान कहा, बिहार महात्मा बुद्ध की ज्ञान स्थली है। हमारी विरासत ज्ञान की रही है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को हर हाल में आगे ले जाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल डिग्री बांटना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार और रोजगार का एक संगम तैयार किया जाएगा ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
TRE-4 बहाली और अन्य अटके काम होंगे पूरे
शिक्षकों की बहाली को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग में अब कुछ भी नहीं फंसेगा। उन्होंने कहा, चाहे TRE-4 (तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति) की बहाली हो या अन्य विभागीय कार्य, अब सब पर तेजी से काम होगा। उन्होंने खुद के शिक्षक रहने के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे इस विभाग में कई बार आते रहे हैं और यहाँ की जमीनी समस्याओं से भली-भांति अवगत हैं।
सिंगल विंडो सिस्टम: अब नहीं लगाने होंगे 10 दरवाजे के चक्कर
मंत्री ने फरियादियों और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक क्रांतिकारी कदम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विभाग में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत किसी भी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए दस अलग-अलग दरवाजों पर चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का त्वरित निपटारा किया जाएगा।
10 दिनों का अल्टीमेटम
मंत्री ने अपने तेवर साफ करते हुए कहा कि विभाग की कार्यशैली में बदलाव महज बातों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया, अगले 10 दिनों के भीतर आपको देखने को मिलेगा कि विभाग में क्या एक्शन हुआ है।मंत्री के इस बयान और सक्रियता ने उन हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों और विभागीय कर्मचारियों में एक नई उम्मीद जगा दी है जो लंबे समय से प्रक्रियाओं के सरल होने का इंतजार कर रहे थे।

