बिहार के वैशाली पुलिस ने महनार में स्वर्ण व्यवसायी के घर हुई भीषण डकैती की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में दो नेपाली अपराधियों सहित तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी कामयाबी 28 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे कुख्यात डकैत जयराम पासवान की गिरफ्तारी है।
मलेशिया भाग जाता था मुख्य सरगना
वैशाली एसपी विक्रम सिहाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी जयराम पासवान साल 1998 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है, लेकिन आज तक कभी पकड़ा नहीं गया था। वह बिहार और नेपाल में डकैती की घटनाओं को अंजाम देने के बाद तुरंत मलेशिया फरार हो जाता था। जयराम पर सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी और नेपाल में डकैती व आर्म्स एक्ट के 24 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
बेतिया में रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस डकैती की योजना बेतिया में एक शादी समारोह के दौरान बनी थी। यहाँ बिहार और नेपाल के गैंग के अपराधी इकट्ठा हुए थे। एसपी ने बताया कि इस गैंग में ‘जेन जी’ (Gen Z) आंदोलन से भागे अपराधी भी शामिल थे, जिन्होंने आधुनिक और आक्रामक तरीके से घटना को अंजाम दिया।
SIT को मिली बड़ी सफलता
एसआईटी ने सबसे पहले शिवहर निवासी राजीव सिंह को दबोचा। उसकी निशानदेही पर नेपाली नागरिक जयराम पासवान और भोला साह की गिरफ्तारी हुई।
- जयराम पासवान: 24 संगीन मामले दर्ज।
- भोला साह: 11 आपराधिक मामले दर्ज।
- राजीव सिंह: डकैती के 2 केस दर्ज।
माल की बरामदगी और फरार अपराधी
पुलिस ने अपराधियों के पास से चोरी की दो बाइक बरामद की है। हालांकि, लूटा गया सोना और कीमती सामान अभी बरामद नहीं हुआ है। बिहार गैंग का मुख्य सरगना इदरीश नट और अन्य अपराधी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। सराहनीय कार्य के लिए एसपी विक्रम सिहाग ने महनार एसडीपीओ, डीआईयू और एसआईटी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

