पटना। न्यूजस्टिच
बिहार की राजनीति में मचे घमासान और शराबबंदी कानून के भविष्य को लेकर नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी का बयान सामने आया है। शराबबंदी के 10 साल पूरे होने पर जहां एक ओर जश्न का माहौल है, वहीं नीतीश कुमार के बाद इस कानून के अस्तित्व को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने सस्पेंस बरकरार रखा है।
शराबबंदी का भविष्य: कहना मुश्किल है
जब अशोक चौधरी से पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद से हटने के बाद बिहार में शराबबंदी खत्म हो जाएगी, तो उन्होंने बेहद नपे-तुले शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “क्या होगा भविष्य में और क्या नहीं होगा, यह कहना फिलहाल मुश्किल है।” उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा छेड़ दी है कि क्या भविष्य में इस सख्त कानून की समीक्षा की जा सकती है।
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री: हम उनके पीछे खड़े हैं
मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार जेडीयू की राजनीति में सक्रिय होंगे या नहीं, इस पर चल रही अटकलों पर अशोक चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “निशांत कुमार हम लोगों के चाहने पर सक्रिय हुए हैं। वह पार्टी की बागडोर संभाल रहे हैं और हम सभी वरिष्ठ नेता उनके पीछे लगकर काम करेंगे।” मंत्री का यह बयान स्पष्ट संकेत है कि जेडीयू के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है।
नीतीश कुमार का इस्तीफा और सुरक्षा पर स्पष्टीकरण
हाल ही में होम डिपार्टमेंट के एक पत्र में नीतीश कुमार का इस्तीफा और उसके बाद की सुरक्षा के जिक्र पर मचे बवाल को मंत्री ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने विपक्षी दल पर हमला बोलते हुए कहा कि जब तेजस्वी यादव सत्ता में थे, तब उनके पिता लालू प्रसाद यादव Z+ सुरक्षा के लिए यहाँ-वहाँ भाग रहे थे।
महिला आरक्षण बिल: राजनीति में बढ़ेगी आधी आबादी की ताकत
केंद्र सरकार के महिला आरक्षण बिल की सराहना करते हुए अशोक चौधरी ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे राजनीति में महिलाओं की सक्रियता बढ़ेगी और संसद व राज्यसभा में उनकी संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
अशोक चौधरी के इन बयानों ने एक तरफ जहाँ पार्टी के भविष्य के नेतृत्व पर मुहर लगाई है, वहीं दूसरी तरफ शराबबंदी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर ‘भविष्य की अनिश्चितता’ बताकर विपक्ष को एक नया मुद्दा दे दिया है।

