बिहार में नई सरकार के गठन और कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू के शीर्ष नेताओं की मैराथन बैठक के बाद अब मंत्रियों के नामों को लेकर तस्वीर साफ होती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में जेडीयू कोटे से बनने वाले मंत्रियों और सहयोगियों के साथ सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर विस्तार से चर्चा हुई है।
नीतीश कैबिनेट का संभावित स्वरूप: अनुभव और युवा जोश का संगम
मुख्यमंत्री आवास से निकले जेडीयू नेताओं के हाव-भाव बता रहे हैं कि एनडीए सरकार के इस नए स्वरूप में जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। इस बार सबसे चौंकाने वाला नाम निशांत कुमार का सामने आ रहा है, जिन्हें उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
जेडीयू कोटे से संभावित चेहरों की सूची
जेडीयू ने अपने पुराने और भरोसेमंद चेहरों पर दांव बरकरार रखा है। अनुभवी नेताओं में विजेंद्र यादव, विजय कुमार चौधरी, और श्रवण कुमार के नाम तय माने जा रहे हैं। इसके अलावा सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खां और सुनील कुमार को भी कैबिनेट में जगह मिलने की प्रबल संभावना है।
बीजेपी कोटे के संभावित दिग्गज
बीजेपी इस बार अपने कोटे से कद्दावर और जमीन से जुड़े नेताओं को आगे कर रही है। चर्चा है कि विजय कुमार सिन्हा और मंगल पाण्डेय जैसे दिग्गजों के साथ-साथ रामकृपाल यादव को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। अन्य संभावित नामों में शामिल हैं:
- दिलीप जायसवाल
- श्रेयसी सिंह
- लखेंद्र पासवान
- रमा निषाद
- अरुण शंकर प्रसाद
सहयोगी दलों का प्रतिनिधित्व (HAM, LJP-R, RLSP)
एनडीए के घटक दलों को भी कैबिनेट में सम्मानजनक स्थान दिया गया है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) से संतोष कुमार सुमन का नाम रेस में सबसे आगे है। वहीं, अन्य सहयोगी दलों के कोटे से संजय पासवान, संजय कुमार सिंह और दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया जा सकता है।
जल्द ही नामों पर लग सकती है आधिकारिक मुहर
सीएम आवास पर हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल नामों पर ही नहीं, बल्कि सरकार निर्माण और मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी मंथन हुआ है। जल्द ही इन नामों पर आधिकारिक मुहर लगने की उम्मीद है, जिसके बाद राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। बिहार की जनता की नजरें अब इस नई टीम पर टिकी हैं, जिसे सुशासन की गाड़ी को आगे बढ़ाना है।

