बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की अल सुबह पूर्णिया एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसी की धमक से जाग उठा। इस बार ईओयू के निशाने पर किशनगंज में तैनात डीवाईएसपी (SDPO) गौतम कुमार का ससुराल है। मंगलवार की सुबह ईओयू की टीम स्थानीय पुलिस के साथ उनके ससुराल पहुंची और छापेमारी शुरू की। बता दें कि अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को बिहार से बंगाल तक के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई किशनगंज के अलावा पूर्णिया, अररिया, सहरसा, मुजफ्फरपुर, पटना और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में की जा रही है। किशनगंज में EOU की टीम सुबह करीब साढ़े 8 बजे ही गौतम कुमार के आवासीय और ऑफिस पहुंचीं। तीन गाड़ी में EOU टीम के 12 लोग पहुंचे हैं।
सुबह-सुबह पहुंची टीम, इलाके में हड़कंप
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह EOU के अधिकारियों की एक टीम गाड़ियों के काफिले के साथ डीवाईएसपी गौतम कुमार के ससुराल स्थित आवास पर पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के लिहाज से घर के बाहर स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है और किसी के भी अंदर-बाहर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, जांच किस मामले (आय से अधिक संपत्ति या अन्य वित्तीय अनियमितता) को लेकर है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला बड़े वित्तीय लेनदेन से जुड़ा हो सकता है।
पनोरमा ग्रुप के बाद अब यह दूसरी बड़ी कार्रवाई
पूर्णिया में EOU की इस कार्रवाई से पहले 10 फरवरी को पूर्णिया और सुपौल में पनोरमा ग्रुप के एमडी संजीव मिश्रा के विभिन्न ठिकानों और संस्थानों पर इन्कमटैक्स विभाग ने मैराथन छापेमारी की थी। संजीव मिश्रा के बाद अब एक पुलिस अधिकारी के परिजनों पर हुई इस कार्रवाई ने जिले के प्रशासनिक और रसूखदार गलियारों में बेचैनी पैदा कर दी है।
किशनगंज से पूर्णिया तक जुड़े तार
गौतम कुमार वर्तमान में किशनगंज में डीवाईएसपी के पद पर तैनात हैं, लेकिन उनके ससुराल के ठिकानों पर छापेमारी यह संकेत देती है कि जांच एजेंसी को संपत्ति के निवेश या दस्तावेजों से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। ईओयू की टीम घर के अंदर दस्तावेजों, बैंक खातों और चल-अचल संपत्ति की बारीकी से जांच कर रही है।

