डेस्क। न्यूजस्टिच
मिठाई, दूध, दही और पनीर के बाद अब मिलावट और असुरक्षित खान-पान का काला साया आपके मसालों तक पहुंच गया है। देश के सबसे भरोसेमंद ब्रांड्स में शुमार ‘एवरेस्ट’ (Everest) के चार मुख्य मसाले क्वालिटी टेस्ट में बुरी तरह फेल पाए गए हैं। Trustified नामक यूट्यूब चैनल द्वारा कराई गई एक स्वतंत्र लैब जांच में खुलासा हुआ है कि आपके खाने का स्वाद बढ़ाने वाले इन मसालों में खतरनाक बैक्टीरिया और पेस्टिसाइड्स (कीटनाशक) की मात्रा तय मानकों से कहीं अधिक है।
किन मसालों पर गिरी गाज?
जांच के लिए डी-मार्ट से खरीदे गए नमूनों को जब लैब भेजा गया, तो परिणाम चौंकाने वाले थे। फेल होने वाले मसालों में शामिल हैं।
एवरेस्ट गरम मसाला
एवरेस्ट किचन किंग मसाला
एवरेस्ट कश्मीरी लाल मिर्च
एवरेस्ट मीट मसाला
क्या मिला इन मसालों में?
रिपोर्ट के मुताबिक इन चारों ही मसालों में एंटेरोबैक्टीरियेसी (Enterobacteriaceae) नामक बैक्टीरिया पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मसालों में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी का सीधा मतलब है कि प्रोसेसिंग के दौरान साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया, मसालों को ठीक से सुखाया नहीं गया या फिर उन्हें असुरक्षित तरीके से हैंडल किया गया। इसके अलावा, गरम मसाला, किचन किंग और मीट मसाला में एसिटामिप्रिड, एज़ोक्सीस्ट्रोबिन, थियामेथॉक्सम और एथियन जैसे खतरनाक कीटनाशक FSSAI की सुरक्षित सीमा से कई गुना ज्यादा मिले हैं।
आपकी सेहत पर ‘धीमा ज़हर’
विशेषज्ञ की मानें तो अगर आप इन मसालों का नियमित सेवन कर रहे हैं, तो आप अनजाने में अपने शरीर को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रहे हैं।
पेट की बीमारियां: एंटेरोबैक्टीरियेसी बैक्टीरिया के कारण फूड पॉइजनिंग, दस्त, उल्टी और पेट में गंभीर संक्रमण हो सकता है। यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
नर्वस सिस्टम पर हमला: मसालों में मौजूद एसिटामिप्रिड और एथियन जैसे कीटनाशक सीधे आपके तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
लिवर और आंतों को नुकसान: एज़ोक्सीस्ट्रोबिन जैसे फंगीसाइड्स के लंबे समय तक सेवन से लिवर डैमेज होने और आंतों में घाव होने का खतरा बढ़ जाता है।
FSSAI के मानकों की धज्जियां
हैरानी की बात यह है कि ये मसाले भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। यह रिपोर्ट उन करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका है जो ‘ब्रांड’ के नाम पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। फिलहाल इस रिपोर्ट के बाद बाजार में खलबली मच गई है और लोग अब पैकेज्ड मसालों की शुद्धता पर सवाल उठा रहे हैं।

