राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH), पूर्णिया के सर्जरी विभाग ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है। अस्पताल के डॉक्टरों ने एसिड सेवन के कारण गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति का सफलतापूर्वक जटिल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी है।
क्या था मामला?
कटिहार जिले के कोढ़ा निवासी 45 वर्षीय दिलीप महतो ने करीब डेढ़ महीने पहले गलती से एसिड का सेवन कर लिया था। इस कारण उनके आमाशय (Stomach) का निचला हिस्सा बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया था। स्थिति यह थी कि वे जो भी खाते, वह तुरंत उल्टी के जरिए बाहर निकल जाता था। पिछले 45 दिनों में उनका वजन लगभग 10 किलोग्राम घट गया था, जिससे वे अत्यंत कमजोर हो गए थे।
जटिल सर्जरी गैस्ट्रोजेजुनोस्टॉमी से मिली राहत
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए GMCH के सर्जरी विभाग में एंडोस्कोपी की गई, जिसमें ‘गैस्ट्रिक आउटलेट ऑब्सट्रक्शन’ (भोजन मार्ग में अवरोध) की पुष्टि हुई। 16 अप्रैल 2026 को सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर कुमार और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में मरीज का ‘गैस्ट्रोजेजुनोस्टॉमी’ ऑपरेशन किया गया।
इस जटिल प्रक्रिया के दौरान अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार स्वयं ओटी (OT) में उपस्थित रहे और टीम का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन किया।
निजी अस्पतालों में लाखों का खर्च, यहाँ बिल्कुल मुफ्त
इस प्रकार की सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में मरीजों को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, पूर्णिया में यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गई। यह संस्थान की बढ़ती शल्य चिकित्सा क्षमता और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
ऑपरेशन टीम में शामिल डॉक्टर और स्टाफ:
- सर्जन: डॉ. तारकेश्वर कुमार (विभागाध्यक्ष), डॉ. अमर, डॉ. अपराजिता।
- एनेस्थीसिया: डॉ. विकास कुमार।
- सहयोगी टीम: डॉ. डेनिस, डॉ. आशीष, डॉ. आशुतोष, डॉ. ऋषभ, अश्वनी, डॉ. सुमन, सुलेखा, बाबू नारायण एवं अजय।
अधीक्षक का संदेश: “सर्जरी विभाग की यह सफलता यह प्रमाणित करती है कि अब स्थानीय स्तर पर ही गंभीर रोगियों को उन्नत चिकित्सा मिल रही है। हमारे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

