मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण संघर्ष ने वैश्विक हवाई यातायात को संकट में डाल दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने एक आपातकालीन समीक्षा बैठक (Review Meeting) की है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय यात्रियों और चालक दल (Crew) की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हाई-लेवल मीटिंग में बड़े फैसले
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु ने अधिकारियों, DGCA, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और प्रमुख एयरलाइंस के साथ हुई इस बैठक में सुरक्षा के कड़े प्रोटोकॉल तय किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों के ऊपर से उड़ान भरने में किसी भी तरह का जोखिम न लिया जाए।
एयरलाइंस के लिए जारी ‘एडवाइजरी’ के मुख्य बिंदु:
- रूट डायवर्जन: भारतीय एयरलाइंस को सलाह दी गई है कि वे एयरस्पेस एडवाइजरी और NOTAMs (Notice to Airmen) पर पल-पल की नजर रखें। जहाँ भी खतरा हो, ग्लोबल सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत तुरंत रूट बदलें या विमानों का डायवर्जन करें।
- ऑपरेशनल अलर्ट: देश के बड़े एयरपोर्ट्स को संभावित ‘डायवर्जन’ को मैनेज करने के लिए अलर्ट पर रखा गया है, ताकि विदेश से आने वाले विमानों और यात्रियों को बिना किसी रुकावट के सुविधा मिल सके।
- DGCA की निगरानी: विमानन नियामक संस्था (DGCA) सभी एयरलाइंस के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन बनाए हुए है ताकि सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो सके।
नागरक उड्डयन मंत्रालय ने कहा
“हम सुरक्षित, व्यवस्थित और कुशल हवाई परिचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हालात पर हमारी टीम की चौबीसों घंटे नज़र है।
विदेश मंत्रालय के साथ तालमेल
भारत सरकार केवल उड़ानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस संबंध में विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ लगातार संपर्क में है। यदि ईरान, इजरायल या पड़ोसी देशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों की जरूरत पड़ती है, तो उसके लिए भी तैयारी पूरी कर ली गई है।
यात्रियों के लिए क्या है इसका मतलब?
डिल ईस्ट के ऊपर से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के समय में बदलाव हो सकता है। रूट बदलने के कारण यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों के समय में वृद्धि हो सकती है। सरकार ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और एयरलाइंस की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।

