देश में ईंधन की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने जनता को भरोसा दिलाया है कि देश के सभी रिटेल आउटलेट्स पर परिचालन पूरी तरह सामान्य है और पैनिक बुकिंग की कोई आवश्यकता नहीं है। Iran Israel War के बीच Reliance ने बड़ी Deal की है। जिसके तहत कच्चा तेल भारत आ रहा है।
अफवाहों पर न दें ध्यान: मंत्रालय
सुजाता शर्मा ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “हमारे फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सभी आउटलेट्स पर सप्लाई चेन सुचारू रूप से काम कर रही है।” उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे निराधार अफवाहों पर विश्वास न करें और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने (पैनिक बाइंग) से बचें।
5 दिनों के भीतर PNG कनेक्शन का निर्देश
ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड ने सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे अगले पांच दिनों के भीतर शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक केंद्रों को पाइप नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ें।
इस निर्देश के तहत रेजिडेंशियल स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह नियम उन इलाकों में लागू होगा जहां पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से उपलब्ध है।
रिलायंस की बड़ी डील: ईरान से आएगा कच्चा तेल
इसी बीच, वैश्विक तेल बाजार से भारत के लिए एक बड़ी खबर आई है। भारतीय दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान से लगभग 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद की है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम अमेरिका द्वारा तेल खरीदारी पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने के बाद उठाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस की इस डील से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और घरेलू बाजार में आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। रियायती दरों पर ईरानी तेल की उपलब्धता भारतीय रिफाइनरियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है। एक तरफ जहाँ सरकार घरेलू स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और गैस पाइपलाइन का विस्तार कर रही है, वहीं रिलायंस जैसी निजी कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय सौदे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। फिलहाल, देश में ईंधन का कोई संकट नहीं है और व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

