अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। एजेंसी ने नवीनतम सैटेलाइट इमेजरी (उपग्रह चित्रों) का विश्लेषण करने के बाद पुष्टि की है कि ईरान के नटान्ज स्थित भूमिगत ईंधन संवर्धन संयंत्र (Fuel Enrichment Plant – FEP) के प्रवेश द्वारों या प्रवेश भवनों (Entrance Buildings) को हाल ही में क्षति पहुँची है।

प्रवेश भवनों को पहुँचा नुकसान
IAEA की रिपोर्ट के अनुसार, उपग्रह से प्राप्त चित्रों में नटान्ज़ के अति-सुरक्षित भूमिगत संयंत्र के प्रवेश हिस्से में स्पष्ट रूप से क्षति दिखाई दे रही है। यह संयंत्र ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। हालांकि, एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह क्षति किसी हमले का परिणाम है या किसी तकनीकी दुर्घटना का।
मुख्य संयंत्र पर प्रभाव और सुरक्षा स्थिति
राहत की बात यह है कि IAEA ने इस घटना के बाद किसी भी प्रकार के रेडियोलॉजिकल परिणाम (Radiological Consequence) की संभावना से इनकार किया है। एजेंसी के अनुसार, इस ताज़ा क्षति का मुख्य भूमिगत संवर्धन संयंत्र (FEP) पर कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ा है। गौरतलब है कि मुख्य संयंत्र जून 2025 (पिछले वर्ष के संघर्ष) के दौरान पहले ही गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका था।
बढ़ता तनाव और निगरानी
नटान्ज संयंत्र पर हुआ यह ताज़ा घटनाक्रम क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच आया है। जून में हुए बड़े संघर्ष के बाद से ही इस संयंत्र की सुरक्षा और परिचालन क्षमता पर सवाल उठते रहे हैं। IAEA लगातार सैटेलाइट इमेजरी और अन्य निगरानी तंत्रों के माध्यम से ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नजर रख रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि नटान्ज जैसे संवेदनशील स्थानों पर बार-बार होने वाली क्षति ईरान और वैश्विक शक्तियों के बीच चल रही परमाणु वार्ता को और अधिक जटिल बना सकती है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया और IAEA की अगली विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं।

