शनिवार की सुबह मिडिल ईस्ट के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। इजरायल और अमेरिका ने एक साझा सैन्य अभियान के तहत ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोल दिया है। इस प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक (निवारक हमला) ने ईरान के सुरक्षा कवच को पूरी तरह भेद दिया है। जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है।
खामेनेई के घर पर सीधा निशाना, बंकर में छिपे सुप्रीम लीडर
इस हमले की सबसे चौंकाने वाली खबर ईरान की राजधानी तेहरान से आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के आवास को सीधा निशाना बनाकर तबाह कर दिया गया है। हालांकि, ईरानी सूत्रों का दावा है कि हमले से ठीक पहले खामेनेई को एक सुरक्षित भूमिगत बंकर में शिफ्ट कर दिया गया था। तेहरान की यूनिवर्सिटी स्ट्रीट, सुप्रीम कोर्ट और न्याय मंत्रालय के पास भी भारी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
इन शहरों पर बरसीं मिसाइलें
इजरायली वायुसेना और अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक केंद्रों को निशाना बनाया है:
• तेहरान: राजधानी के प्रशासनिक और सैन्य मुख्यालयों पर हमला।
• इस्फहान और क़ोम: परमाणु और सैन्य अनुसंधान केंद्रों वाले शहरों पर एयरस्ट्राइक।
• खोर्रमाबाद: मिसाइल बेस और रसद केंद्रों को निशाना बनाया गया।
अगले 4 दिन तक जारी रह सकते हैं हमले
इजरायली सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि यह ऑपरेशन अचानक नहीं, बल्कि महीनों की प्लानिंग का हिस्सा है। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह हमला केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि ईरान की सैन्य क्षमता को स्थायी रूप से कमजोर करने का मिशन है। अनुमान है कि यह भारी बमबारी अगले चार दिनों तक जारी रह सकती है। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलों की आवाजाही देखी गई है, जिसके डर से इराक ने अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया है।
दुनिया भर में खलबली: दूतावास खाली, इमरजेंसी लागू
ईरान ने इस हमले के बाद अपना एयरस्पेस बंद करते हुए इजरायल को चेतावनी दी है कि “जंग शुरू तुमने की है, खत्म हम करेंगे।” * इजरायल में अलर्ट: पूरे इजरायल में इमरजेंसी लगा दी गई है और नागरिकों को शेल्टर में रहने का आदेश है।
राजनयिक पलायन:
हालात की गंभीरता को देखते हुए ब्रिटेन, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, यूक्रेन और आइसलैंड जैसे देशों ने तेहरान स्थित अपने दूतावासों से स्टाफ को निकाल लिया है। कतर में अमेरिकी दूतावास ने भी हाई अलर्ट जारी किया है।
इस हमले ने दुनिया को एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

