बिहार के जहानाबाद में नीट (NEET) छात्रा संवेदना की संदिग्ध मौत का मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। एक तरफ पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बेखौफ अपराधी पुलिस सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए परिवार को मौत की धमकी दे रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर मृतका के घर में धमकी भरा पर्चा फेंका गया है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
“2 दिन में बेटा भी मरेगा”: पर्चे ने बढ़ाई दहशत
ताजा घटनाक्रम में अपराधियों ने संवेदना के घर में जो पर्चा फेंका है, उसकी भाषा रूह कंपा देने वाली है। पर्चे में साफ शब्दों में लिखा है- ना मानोगे… बेटी गई, बेटा भी मरेगा 2 दिन में। हैरानी की बात यह है कि 3 दिन पहले भी शनिवार को घर के किचन में एक ऐसा ही पर्चा मिला था, जिसमें लिखा था-ज्यादा तेज बनोगे तो उठा लिए जाओगे। लगातार मिल रही इन धमकियों ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी न केवल परिवार के करीब हैं, बल्कि उन पर नजर भी रखे हुए हैं।
पुलिस सुरक्षा के बीच ‘सेंधमारी’
सबसे बड़ा सवाल जहानाबाद पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहा है। संवेदना की संदिग्ध मौत के बाद से ही परिवार पुलिस की कड़ी सुरक्षा (Police Protection) में है। इसके बावजूद अपराधियों का घर के अंदर पर्चा फेंक जाना पुलिसिया चौकसी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
अपनों पर ही शक, दहशत में माता-पिता
संवेदना के पिता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें अंदेशा है कि इस कुकृत्य के पीछे गांव का ही कोई व्यक्ति शामिल हो सकता है। बार-बार मिल रही धमकियों के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें अब अपने इकलौते बेटे की जान की चिंता सता रही है।
अब तक की जांच रही बेनतीजा
पुलिस ने शनिवार को मिले पहले पर्चे को जब्त कर जांच शुरू की थी, लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है। इधर, दोबारा पर्चा मिलने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है। फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस अब नए सिरे से सुराग तलाशने में जुटी है।

